हरिद्वार, 10 जून।
गंगा तट पर स्थित हरि की पैड़ी, हरिद्वार में ‘भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन’ का तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर संपन्न हुआ। 08, 09 और 10 जून तक चले इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसान और मजदूर प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। शिविर के आखिरी दिन यूनियन के पदाधिकारियों ने देश के किसानों, मजदूरों और महिलाओं के अधिकारों तथा व्यवस्थागत सुधारों को लेकर माननीय प्रधानमंत्री (भारत सरकार) के नाम एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) जिलाधिकारी हरिद्वार (उत्तराखंड) के माध्यम से सौंपा।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ० राजबीर सिंह (मुंडेट), राष्ट्रीय महासचिव पहल सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष (उत्तराखंड) विकास यादव, प्रभारी पश्चिमी (यु0पी0) राजन सिंह यादव, राष्ट्रीय संयोजक ईश्वर चंद त्रिपाठी, बृज किशोर यादव और प्रदेश प्रभारियों के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से लेकर जमीनी किसान-मजदूरों की समस्याओं तक, कुल 10 प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया है।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें और बिंदु:
🔹 लोकतंत्र और निर्वाचन प्रणाली पर सवाल: यूनियन ने आरोप लगाया कि देश का लोकतंत्र खतरे में है और संविधान को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान केंद्रीय निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है। साथ ही वोटर लिस्ट से फर्जी तरीके से नाम हटाए जाने की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही है।
🔹 ‘लाड़ली बहना योजना’ पूरे देश में लागू हो: मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित कुछ राज्यों की तर्ज पर ‘एक देश, एक योजना’ नीति के तहत लाड़ली बहना योजना को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान, बिहार और ओडिशा समेत पूरे देश में लागू करने की मांग की गई है, जिसके तहत महिलाओं को ₹3000 मासिक भत्ता दिया जाए।
🔹 किसान और भूमि अधिकार: श्रम कानून के अनुसार किसानों को लाभ देने, किसान आयोग का गठन करने, और ‘भूमि अर्जन-पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013’ को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा भूमि के पट्टों से बेदखली रोकने और बेदखल किए गए लोगों को पुनः बहाल करने का आग्रह किया गया है।
🔹 निजीकरण पर रोक और टोल टैक्स का विरोध: यूनियन ने सरकारी विभागों के निजीकरण को तुरंत बंद करने की मांग की है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजकीय राजमार्ग टोल प्लाजा अधिनियम 2008 के विरुद्ध बने टोल प्लाजा को जनहित में तत्काल हटाने की मांग की गई है।
🔹आवारा पशुओं से नुकसान का मुआवजा: छुट्टा और आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान के लिए किसानों को उचित मुआवजा देने, सरकारी खर्च पर खेतों में तारबंदी कराने, तथा गौशालाओं एवं संग्रहालयों का उचित प्रबंध करने की मांग की गई है।
🔹जनप्रतिनिधियों और पावर ग्रिड से जुड़े मुद्दे: ग्राम प्रधानों और सरपंचों को भी सांसदों एवं विधायकों की तरह मासिक भत्ता देने की मांग की गई है, अन्यथा नेताओं के भत्ते भी समाप्त करने को कहा गया है। इसके अलावा, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन द्वारा टावर और तार लाइन बिछाने के बदले भूमि का मुआवजा व वार्षिक किराया तत्काल भुगतान करने की मांग की गई है।
इन पदाधिकारियों ने किए हस्ताक्षर:
इस मांग पत्र पर राष्ट्रीय महासचिव पहल सिंह यादव, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर चंद त्रिपाठी, प्रदेश अध्यक्ष (उ.प्र.), प्रदेश अध्यक्ष (उत्तराखंड) विकास यादव, बृजकिशोर यादव, हरमोहन प्रभारी राजन सिंह यादव, जिला अध्यक्ष जौनपुर राम बिलास बिंद, जिला अध्यक्ष अयोध्या सुभाष चन्द्र, और जिला अध्यक्ष भदोही दुर्गा प्रसाद सिंह सहित दर्जनों किसान नेताओं के हस्ताक्षर और संगठन की मुहरें मौजूद हैं।
यूनियन के नेताओं का कहना है कि यदि इन मांगों पर जल्द ही उचित और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो देश भर के किसान और मजदूर अपनी मुख्यधारा के हक के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।हे।