हरिद्वार, 6 अगस्त।
देवभूमि हरिद्वार से वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है। धार्मिक आस्था और राष्ट्रहित को एक सूत्र में पिरोते हुए 10 अगस्त को हर की पैड़ी से ऋषिकेश स्थित वीरभद्र महादेव मंदिर तक ‘2036 ओलंपिक संकल्प कांवड़ यात्रा’ निकाली जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर भारत को वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिलने की कामना करना है।
यात्रा से पूर्व उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पंच दशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संतों ने भारत के इस ऐतिहासिक संकल्प की सफलता के लिए “विजयी भव” और “संकल्प सिद्धिरस्तु” का आशीर्वचन देते हुए कहा कि राष्ट्रहित और लोककल्याण के लिए लिया गया संकल्प अवश्य सफल होता है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के उस सामूहिक सपने का प्रतीक है, जिसमें भारत विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन ओलंपिक की मेजबानी करे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदैव आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्रीय चेतना का केंद्र रही है। ऐसे में यहां से उठने वाला यह संकल्प पूरे देश के खिलाड़ियों, युवाओं और खेल प्रेमियों को नई प्रेरणा देगा।
उन्होंने कहा कि जब आस्था, राष्ट्रभक्ति और खेल संस्कृति का संगम होता है, तब वह एक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर लेता है। भारत आज खेलों के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है और वर्ष 2036 में ओलंपिक की मेजबानी का सपना भी उसी आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्हें विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा, संत समाज के आशीर्वाद और देशवासियों के सहयोग से भारत का यह सपना अवश्य साकार होगा।
संत समाज ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और युवा शक्ति को दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं। यदि आध्यात्मिक चेतना और खेल भावना साथ-साथ आगे बढ़ें, तो भारत विश्व मंच पर और अधिक गौरव प्राप्त करेगा। संतों ने देशवासियों से इस संकल्प यात्रा से जुड़ने और भारत को ओलंपिक मेजबानी दिलाने के अभियान में अपना सहयोग देने का आह्वान किया।
10 अगस्त को निकलने वाली यह विशेष 2036 ओलंपिक संकल्प कांवड़ यात्रा श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और खेल संस्कृति का अनूठा संगम बनेगी। हर की पैड़ी से वीरभद्र महादेव मंदिर तक निकाली जाने वाली इस यात्रा के माध्यम से देशभर में यह संदेश दिया जाएगा कि भारत केवल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े खेल महाकुंभ की सफल मेजबानी के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत राम रतन गिरी महाराज सहित संत समाज के अनेक गणमान्य संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।