देहरादून, 8 जून।
NEET पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर सोमवार को एनएसयूआई (NSUI) ने देहरादून में सचिवालय घेराव कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां करीब एक घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।



एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष, जिला पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं ने सचिवालय का घेराव करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है और सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
एनएसयूआई के समर्थन में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि युवा लगातार सरकार से पूछ रहे हैं कि “रोजगार कहां हैं और उन्हें न्याय कब मिलेगा?” उन्होंने कहा कि पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की चुप्पी स्वीकार्य नहीं है और युवाओं को जवाब मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ो लोगो की भीड़ में “युवाओ को जवाब दो ” के नारो की गूंज दूर तक सुनाई दी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई गई।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत सहित कई अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।