देहरादून, 10 अगस्त।
क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में रविवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी की 18 वर्षीय B.Tech प्रथम वर्ष की छात्रा वैष्णवी रावत की मौत हो गई। तेज रफ्तार मिक्सर ट्रैक्टर ने पैदल जा रही दो बहनों को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में वैष्णवी की बड़ी बहन कृतिका रावत भी घायल हुई हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के पटेल नगर निवासी वैष्णवी रावत देहरादून में रहकर ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से B.Tech प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। रविवार रात करीब 8:45 बजे वैष्णवी अपनी बड़ी बहन कृतिका के साथ इवनिंग वॉक के बाद कमरे की ओर लौट रही थी। दोनों बहनें चार खंभा चौक के पास पैदल जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार मिक्सर ट्रैक्टर (UP 12 BF 7297) ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैष्णवी सड़क पर जा गिरी और ट्रैक्टर के पहिए की चपेट में आ गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल आरोपी चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही क्लेमेंटटाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल वैष्णवी को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसकी बहन कृतिका को भी हादसे में चोटें आई हैं।
बहन की आंखों के सामने चली गई जिंदगी
हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। जिस बेटी को परिवार बेहतर भविष्य के सपनों के साथ दिल्ली से देहरादून पढ़ने भेजा था, उसकी सड़क हादसे में अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वैष्णवी पढ़ाई के साथ अपनी जिंदगी और भविष्य को लेकर कई सपने संजोए हुए थी। लेकिन एक तेज रफ्तार वाहन ने पलभर में परिवार की खुशियां छीन लीं।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली में रह रहे परिजनों को सूचना दी गई। बेटी की मौत की खबर सुनकर परिवार में मातम पसर गया।
मिक्सर ट्रैक्टर और चालक पुलिस हिरासत में
क्लेमेंटटाउन थाना प्रभारी मोहन सिंह के अनुसार, पुलिस ने हादसे में शामिल मिक्सर ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों और वाहन की गति समेत अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर शहर में तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक होनहार छात्रा की जिंदगी खत्म होने से परिवार के साथ-साथ उसके परिचितों और विश्वविद्यालय के लोगों में भी शोक का माहौल है।