हरिद्वार में महाकाली वाहिनी की पहली प्रेस वार्ता, ऋषिकेश में होगा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन…
हरिद्वार, 26 मई।
धर्मनगरी हरिद्वार में महाकाली वाहिनी की पहली प्रेस वार्ता के दौरान संगठन की राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. उदिता त्यागी ने महिलाओं से समाज, परिवार और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रत्येक हिंदू नारी को मां महाकाली के साहस, शक्ति और संकल्प को अपने जीवन में उतारना होगा।
डॉ. उदिता त्यागी ने कहा कि मातृशक्ति को राजनीतिक, जातिगत और व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर परिवार और समाज के संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि महाकाली वाहिनी का उद्देश्य महिलाओं को धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर समाज निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
प्रेस वार्ता में महाकाली वाहिनी के सात प्रमुख उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि संगठन महिलाओं को सनातन धर्म की मूल अवधारणाओं से जोड़ने, आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने, परिवार संस्था को मजबूत बनाने, आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने, महिला गुरुकुल और महिला वृद्धाश्रम की स्थापना जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान देगा।
डॉ. त्यागी ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक चुनौतियों और विभिन्न प्रकार के वैचारिक प्रभावों के प्रति जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है। इसके लिए संगठन देशभर में जनजागरण अभियान चलाएगा तथा जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी, सामाजिक और मानसिक सहयोग भी उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि आध्यात्मिक नगरी ऋषिकेश में महाकाली वाहिनी का पहला दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से महिला प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और धर्माचार्य भाग लेंगे। अधिवेशन में महिला सुरक्षा, संस्कृति संरक्षण, परिवार व्यवस्था और मातृशक्ति के सशक्तिकरण जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय सह-समन्वयक डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ. संध्या कौशिक, मधु त्यागी, रीना त्यागी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहीं। अंत में डॉ. उदिता त्यागी ने देश की महिलाओं से तन, मन और धन से महाकाली वाहिनी के अभियान से जुड़कर राष्ट्र और समाज निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।