देहरादून, 14 जून ।
भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड (POP) ने शनिवार,दिनांक 13 जून को इतिहास रच दिया। अकादमी के गौरवशाली इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी बनीं। यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण और बदलते सैन्य परिदृश्य की नई पहचान बन गई है।
देहरादून स्थित IMA में आयोजित 158वें नियमित एवं 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने परेड की सलामी ली और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने इसे IMA के इतिहास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पहली बार महिला कैडेटों का अधिकारी बनना महिला-नेतृत्व वाले विकास और सशक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के रक्षक नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आशाओं, सम्मान और विश्वास के भी संरक्षक हैं।
इस बार पासिंग आउट परेड में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट शामिल हुए। इनमें 9 महिला कैडेट सहित 481 कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बने, जबकि 16 मित्र देशों के 34 कैडेटों ने प्रशिक्षण पूरा कर अपनी-अपनी सेनाओं में शामिल होने का गौरव प्राप्त किया।
राष्ट्रपति ने नव नियुक्त अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को जीवनभर अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की वैश्विक मित्रता, रक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय विश्वास का भी प्रतीक है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट सम्मानित
- सॉर्ड ऑफ ऑनर एवं गोल्ड मेडल – ऑफिसर कैडेट विशाल कुमार
- सिल्वर मेडल – अंडर ऑफिसर कैडेट प्रिंस राज
- ब्रॉन्ज मेडल – ऑफिसर कैडेट तेजस भट्ट
- टेक्निकल एंट्री अवॉर्ड – कैप्टन करण पाण्डेय
- टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स अवॉर्ड – ऑफिसर कैडेट ऋषभ मिश्रा
भारतीय सैन्य अकादमी की यह पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं रही, बल्कि महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव के नए युग की ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में याद की जाएगी।