हरिद्वार, 2 अगस्त।
देशभर की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाने के उद्देश्य से समाजसेवी एवं महिला सशक्तिकरण की प्रेरक रितु इंसा ने शनिवार को हरिद्वार से एक विशेष कांवड़ यात्रा का शुभारंभ किया।
1 अगस्त से शुरू हुई यह यात्रा 10 अगस्त 2026 तक विभिन्न शहरों से गुजरते हुए उनके पैतृक गांव भैणी सुरजन में संपन्न होगी। यात्रा का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना और उन्हें कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
हरिद्वार के स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में रितु इंसा ने बताया कि यह केवल धार्मिक आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि महिला जागरूकता और आत्मनिर्भरता का एक जनअभियान है। उन्होंने कहा कि यात्रा में बड़ी संख्या में युवा महिलाएं और महिला शक्ति शामिल हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश लेकर आगे बढ़ रही हैं।
रितु इंसा ने बताया कि वह पिछले 21 वर्षों से सिलाई एवं फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से दे रही हैं। उनके प्रयासों से हजारों महिलाओं और युवतियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का रोजगार शुरू किया है तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अब तक उनकी करीब 50 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जहां महिलाओं और युवाओं को आधुनिक सिलाई एवं फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है।
उन्होंने दावा किया कि अब तक लगभग साढ़े तीन लाख (3.5 लाख) लड़कियों और महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाया जा चुका है। उनका लक्ष्य इस अभियान को पूरे देश और विदेश तक पहुंचाना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं हुनर सीखकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
रितु इंसा ने कहा कि यदि कोई महिला पूरी लगन और समर्पण के साथ केवल तीन महीने प्रशिक्षण के लिए दे, तो उसका जीवन बदला जा सकता है। उनका मानना है कि कौशल ही महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने बताया कि यह विशेष कांवड़ यात्रा हर की पौड़ी, हरिद्वार से शुरू होकर रुड़की, मुजफ्फरनगर, शामली, पानीपत, गोहाना, रोहतक, भिवानी और महम से गुजरते हुए 10 अगस्त को उनके पैतृक गांव भैणी सुरजन में समाप्त होगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर महिला जागरूकता कार्यक्रम, संवाद और प्रेरणात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
इस अवसर पर आयोजन टीम एवं इवेंट्स एंड बियॉन्ड के संस्थापक तजिंदर सिंह ने आमजन, मीडिया और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्त भारत के निर्माण का संदेश देने वाला जनआंदोलन है।
उन्होंने कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो केवल उसका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र मजबूत होता है। इसी सोच के साथ यह कांवड़ यात्रा महिला सशक्तिकरण का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।