हरिद्वार, 2 अगस्त।
कांवड़ मेला-2026 के दौरान हरिद्वार में आस्था, सेवा और प्रशासनिक समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिला। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने रविवार को शंकराचार्य चौक पहुंचकर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे लाखों शिवभक्त कांवड़ियों का फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने स्वयं शिवभक्तों को फल एवं जूस वितरित कर उनकी मंगलमय, सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की।
शंकराचार्य चौक पर प्रशासन की इस आत्मीय पहल से शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। स्वागत से अभिभूत कांवड़ियों ने प्रशासन और पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरिद्वार में उन्हें न केवल बेहतर व्यवस्थाएं मिल रही हैं, बल्कि सम्मान और अपनापन भी महसूस हो रहा है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने शिवभक्तों से संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा कांवड़ यात्रा के दौरान उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। इसे सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम तथा अन्य सभी विभाग समन्वय के साथ पूरी निष्ठा और सेवाभाव से कार्य कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक शिवभक्त बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सके। इसके लिए कांवड़ मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाए रखा गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सुविधाएं चौबीसों घंटे निर्बाध रूप से उपलब्ध रहें और किसी भी प्रकार की शिकायत का तत्काल समाधान किया जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने भी शिवभक्तों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने तथा पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पुलिस बल पूरी सतर्कता के साथ लगातार ड्यूटी पर तैनात है।
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य चौक पर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। पुष्पवर्षा, जयकारों और हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच शिवभक्तों का स्वागत किया गया। प्रशासन की इस पहल ने कांवड़ियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और उन्होंने इसे हरिद्वार की अतिथि देवो भवः की परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया।
कांवड़ मेला-2026 में जिला प्रशासन की यह पहल न केवल श्रद्धालुओं को सम्मान देने का संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासन सेवा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के माध्यम से हर शिवभक्त की यात्रा को सफल और यादगार बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।