देहरादून, 18 जून 2026।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और जनकल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी और जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही आबकारी नियमावली में संशोधन करते हुए वेट और सेस पर लगने वाले दोहरे कर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया, जिससे कारोबारियों और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में अत्याधुनिक परफ्यूम परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने को मंजूरी दी गई। वहीं, 25 देशों की भागीदारी वाली अंतरराष्ट्रीय हिमालय कार रैली के आयोजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
उपनल कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित ‘समान कार्य-समान वेतन’ मामले में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कट-ऑफ तिथि से बाहर के कर्मचारियों को भी राहत देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कारागार नियमावली में संशोधन कर अभ्यस्त अपराधी की नई परिभाषा तय की गई तथा विभागीय सेवा नियमों में बदलाव और पदों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दी गई।
राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ हालिया भर्तियों में भी लागू करने का निर्णय लिया गया। चारधाम यात्रा में उपयोग किए जाने वाले घोड़ा-खच्चरों समेत अन्य पशुओं के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी, जिससे पशुपालकों को राहत मिलेगी।
इसके अतिरिक्त पशुपालन विभाग की कृत्रिम गर्भाधान पायलट परियोजना को भी हरी झंडी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे पशुधन की गुणवत्ता में सुधार होगा और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को रोजगार, शिक्षा, पर्यटन, पशुपालन और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिनका सीधा लाभ राज्य के लाखों लोगों को मिलेगा।