अखिलेश यादव के सौतेले भाई और अपर्णा यादव भाई प्रतीक यादव का आज बुधवार सुबह-सुबह निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपने व्यवसाय और सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे। उन्होंने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से MBA की पढ़ाई की थी। फिटनेस और हेल्थ सेक्टर में उनकी खास रुचि थी और वह लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम से जिम का संचालन करते थे।
प्रतीक यादव रियल एस्टेट और फिटनेस एंटरप्रेन्योरशिप के सेक्टर में काम करते थे.
इसके अलावा प्रतीक यादव ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था भी चलाते थे, जो स्ट्रीट डॉग्स के इलाज, देखभाल, भोजन और रेस्क्यू का कार्य करती थी। पशु प्रेम और सामाजिक सेवा के लिए भी उन्हें जाना जाता था। नके जिम का बिजनेस भी है. उन्हें जिम करने और फिट रहने का बहुत ज्यादा शौक था.
हालांकि समाजवादी परिवार से संबंध होने के बावजूद उन्होंने कभी सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखा। उन्होंने न कोई चुनाव लड़ा और न ही पार्टी में कोई बड़ा पद संभाला। वर्ष 2017 में दिए गए एक इंटरव्यू में यादव ने कहा था कि वह जब तक संभव हो सकेगा, राजनीति से दूर रहेंगे और अपने कारोबार पर ध्यान देंगे. हालांकि, पार्टी के अंदरूनी हलकों से कभी-कभार उनके चुनाव लड़ने की मांग उठती रही, लेकिन उन्होंने कभी भी सियासत में अपना करियर बनाने के बारे में नहीं सोचा।
प्रतीक यादव के निधन की खबर से समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है। परिवार, करीबी और शुभचिंतक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।