हरिद्वार, 22 मई 2026।
आगामी मानसून और बढ़ती गर्मी को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए।






बैठक में डीएम ने नगर निगम, जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई समेत सभी संबंधित विभागों को नालों, नालियों और कलमाठों की सफाई मानसून से पहले हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा कार्य प्राथमिकता से कराने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल और बिजली आपूर्ति सुचारू रहनी चाहिए। पेयजल लाइनों में लीकेज को मिशन मोड में ठीक करने तथा शिकायतों के निस्तारण के लिए जल संस्थान का टोल फ्री नंबर 18001804100 जारी किया गया है। वहीं विद्युत विभाग को अनावश्यक कटौती से बचने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को मानसून के दौरान डेंगू समेत अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारी रखने को कहा गया, जबकि पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारे और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आगामी कांवड़ मेले को भी प्रमुख चुनौती मानते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस विभाग को संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि मानसून और कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
कुल मिलाकर जिला प्रशासन ने गर्मी और मानसून दोनों को लेकर सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।