घाट पर सो रहे परिवार के बीच से चोरी हुई थी मासूम

हरिद्वार,विष्णु घाट,12 जून।
हरिद्वार के विष्णु घाट क्षेत्र में गंगा स्नान के लिए आए एक परिवार की 4 माह की बच्ची को उस समय चुरा लिया गया जब पूरा परिवार रात में पेड़ के नीचे सो रहा था। 28 मई 2026 को सामने आई इस घटना ने जिले में बच्चा चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।

लगातार तीसरी बड़ी बच्चा चोरी की वारदात

कनखल और पिरान कलियर से बच्चों के अपहरण की घटनाओं के बाद यह हरिद्वार जिले की तीसरी बड़ी बच्चा चोरी की घटना थी। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने आमजन में भय और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे।

10 दिन तक चला हाई प्रोफाइल सर्च ऑपरेशन
मासूम की बरामदगी के लिए हरिद्वार पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज, बस और रेलवे नेटवर्क की जांच तथा तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस ने हरिद्वार से लेकर पश्चिम बंगाल के हावड़ा रूट तक जांच की। लगभग 65 रेलवे स्टेशनों पर जानकारी जुटाई गई।

सीसीटीवी से मिला पहला बड़ा सुराग
जांच के दौरान एक संदिग्ध दंपत्ति पहले एक बच्चे और बाद में दो बच्चों के साथ दिखाई दिया। यही फुटेज पूरे मामले के खुलासे की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई।

झोपड़ी में छिपाकर रखी गई थी अपहृत बच्ची
पुलिस की पड़ताल ब्रह्मपुरी क्षेत्र तक पहुंची, जहां एक झाड़-फूंक करने वाले बाबा की झोपड़ी में संदिग्ध दंपत्ति रह रहा था। पुलिस ने दबिश देकर बाबा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और 4 माह की बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।

तीन लाख रुपये में ‘लड़का’ सप्लाई करने की थी साजिश
पूछताछ में सामने आया कि एक दंपत्ति को पुत्र की आवश्यकता थी और लड़का उपलब्ध कराने पर तीन लाख रुपये मिलने थे। इसी लालच में आरोपी हरिद्वार पहुंचे और भीड़भाड़ वाले घाटों से बच्चा चोरी करने की योजना बनाई।

गलती से लड़की को उठा ले गए आरोपी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अंधेरे में सो रहे परिवार के बीच से बच्ची को लड़का समझकर उठा लिया था। बाद में लड़की होने का पता चलने पर उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की योजना बनाई जा रही थी।

सवाल: क्या धार्मिक स्थलों पर बच्चे सुरक्षित हैं?
यह मामला केवल एक बच्ची की बरामदगी भर नहीं है। यह सवाल भी खड़ा करता है कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ वाले धार्मिक स्थलों, घाटों और मेलों में बच्चों की सुरक्षा कितनी मजबूत है। लगातार सामने आ रही घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की मांग कर रही हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान
सत्यपाल पुत्र विजय सिंह, निवासी सैदाबाद, लक्सर (हरिद्वार)
लाल बहादुर पुत्र कन्हैया लाल, निवासी नगरिया, जसवंतनगर (इटावा, उत्तर प्रदेश)
प्रीति रानी पत्नी लाल बहादुर, निवासी नगरिया, जसवंतनगर (इटावा, उत्तर प्रदेश)

पुलिस के लिए बड़ी सफलता
हरिद्वार पुलिस ने लगभग 10 दिन की लगातार मेहनत, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी जांच के बाद मासूम को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बच्चा चोरी कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि संगठित और संवेदनशील अपराध है, जिसके खिलाफ समाज और प्रशासन दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

पुलिस की सराहनीय कार्यशैली पर ज्वालापुर विधायक ने दिया ₹51 हजार का इनाम
ज्वालापुर क्षेत्र में पुलिस द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और बच्चा चोरी अपराध नियंत्रण में मिली सफलताओं की सराहना करते हुए ज्वालापुर कांग्रेस विधायक रवि बहादुर ने पुलिस टीम को ₹51 हजार की पुरस्कार राशि प्रदान की। विधायक ने कहा कि पुलिस लगातार जनहित में कार्य कर रही है और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर जनता का विश्वास मजबूत कर रही है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों से समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ती है। पुलिस अधिकारियों ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।


(MH7 न्यूज़ चैनल विशेष टिप्पणी )
बच्चा चोरी की घटनाएं केवल एक परिवार का दुख नहीं होतीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं। हरिद्वार में हाल के दिनों में सामने आए मामलों ने यह संकेत दिया है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता और निगरानी की आवश्यकता है।

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