हरिद्वार, 28 मई।
कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने आज हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि देश में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और सरकार इस पर गंभीर नहीं दिखाई दे रही।

आलोक शर्मा ने नीट पेपर लीक मामले की तुलना मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले से करते हुए कहा कि देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों की मेहनत और उनके भविष्य की कोई चिंता नहीं कर रही और पेपर लीक मामलों में अब तक किसी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदीप जोशी को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का चेयरमैन बनाया गया था और वर्ष 2026 में भी वही इस पद पर बने हुए हैं। उनके कार्यकाल में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद शर्मनाक है। आलोक शर्मा ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2024 में नीट पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और इस बार भी उन्होंने याचिका दायर की है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा या किसी राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह कभी लीक नहीं होता, लेकिन बच्चों के पेपर जरूर लीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

उन्होंने डिजिटल इंडिया के दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, लेकिन देश में लगातार पेपर आउट हो रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड की ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका दिया गया था, जिसके कारण 2019 में लाखों छात्रों का रिजल्ट प्रभावित हुआ और 22 बच्चों ने आत्महत्या तक कर ली, लेकिन सरकार ने कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं की।

आलोक शर्मा ने कहा कि सीबीएसई द्वारा 68 हजार पेज ब्लर होने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पेज पढ़े ही नहीं जा सकते थे तो रिजल्ट कैसे जारी कर दिया गया। एसएससी परीक्षाओं को लेकर भी उन्होंने अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया और कहा कि जिन परीक्षा केंद्रों की क्षमता 500 बच्चों की थी, वहां 1000 से 1200 छात्रों को बैठाया गया।

उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक 17 वर्षीय छात्र द्वारा पेपर की रीचेकिंग की मांग करने पर कुछ “ चाटुकार पत्रकारों ” ने उसे पाकिस्तान तक कह दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के चेयरमैन प्रदीप जोशी का जिक्र करते हुए आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार के सभी “काले कारनामों” की जानकारी है और इसी कारण उन्हें हटाया नहीं जा रहा।

अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए और पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रेस वार्ता में हरिद्वार जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सैनी एवं ई. संजय सैनी भी उपस्थित रहे।

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