नैनीताल, 15 मई 2026 ।
ईंधन संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज शुक्रवार को उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया गया। इस दौरान उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता अपने आवास से न्यायालय तक पैदल पहुंचे और लोगों को ईंधन बचाने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण जैसे प्रयासों में योगदान दे। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम देश को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और भविष्य में भी इस तरह की पहल जारी रहेगी।

इस अवसर पर वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, राकेश थपलियाल, पंकज पुरोहित, आलोक मेहरा, सुभाष उपाध्याय और सिद्धार्थ साह सहित न्यायालय के अधिकारी, कर्मचारी और बार एसोसिएशन के सदस्य भी पैदल मार्च में शामिल हुए।

न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने लोगों से प्रतिदिन पैदल चलने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

दरअसल प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील के बाद उत्तराखण्ड सरकार भी सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री, मंत्री, ब्यूरोक्रेट्स समेत कई जिलों के अधिकारी पहले ही ‘नो व्हीकल डे’ की पहल कर चुके हैं। मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु द्वारा जारी निर्देशों में कार पूलिंग, साइकिलिंग, वर्क फ्रॉम होम, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, प्राकृतिक खेती, ऊर्जा संरक्षण और सौर ऊर्जा जैसे विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया गया है।

उच्च न्यायालय की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

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