UCC से मुस्लिम महिलाओं को मिलेगा अधिकार और सम्मान : फरजाना बेगम
हरिद्वार, 15 मई 2026।
प्रदेश में हलाला जैसी कुप्रथा के खिलाफ पहला मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता का हौसला बढ़ाने के लिए उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती फरजाना बेगम आज बुग्गावाला क्षेत्र के गांव बांद्रजूर्द पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली तथा हरसंभव सहायता और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।


इस दौरान फरजाना बेगम ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकार किसी भी सभ्य समाज की पहचान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला और तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ऐसी प्रथाएं महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों के खिलाफ हैं तथा इनके विरोध में आवाज उठाना जरूरी है। फरजाना बेगम ने पीड़िता के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उसका यह कदम समाज की अन्य महिलाओं को भी अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देगा।
अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार और आयोग पीड़िता के साथ मजबूती से खड़े हैं और मामले में निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी महिला के साथ परंपरा या कुप्रथा के नाम पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर लगातार कार्य कर रही है तथा समान नागरिक संहिता लागू होने से समाज में समानता और न्याय को और मजबूती मिलेगी।