लखनऊ (उत्तर प्रदेश) , जयपुर (राजस्थान) , दिल्ली, भोपाल (मध्य प्रदेश ) व छग में मुस्लिम मंच के संयोजक इंद्रेश के अनुसार, 18 फरवरी से तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को पेंशन दिए जाने की योजना शुरू हो गई है। इस खबर को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रयासों के तहत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छग क्षेत्र में करीब 100 परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद और परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक संबल देना बताया जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह कदम सामाजिक सेवा और मानवता के आधार पर उठाया गया है, जिससे कमजोर वर्ग की महिलाओं को सहारा मिल सके।
वहीं, आलोचकों ने इस पहल को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे संगठन के कथित वैचारिक रुख से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की योजनाएं राजनीतिक या छवि सुधार से भी जुड़ी हो सकती हैं। आरएसएस ने अभी ये मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को पेंशन 10 वर्षो तक प्रति माह देने की घोषणा की है।
हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी या औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर आने वाले समय में और बहस और स्पष्टता देखने को मिल सकती है।

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