नैनीताल, 27 सितंबर।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। नैनीताल जिले में भवाली सैनिटोरियम से कैंचीधाम बाईपास की ओर जाने वाले मार्ग पर शनिवार देर रात बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। जाबर नाले के समीप भूस्खलन की चपेट में आया एक भारी भरकम पेड़ अचानक सड़क पर आ गिरा और नीचे से गुजर रही कार को अपनी चपेट में ले लिया।
पेड़ के कार पर गिरते ही वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार लोग पेड़ और मलबे के बीच फंस गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों और क्षेत्रवासियों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
काम से घर लौट रहे थे कार सवार
जानकारी के अनुसार, भवाली गांव निवासी सिकंदर गौरव और हिमांशु टम्टा अपने साले के साथ शनिवार रात काम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान जाबर नाले के पास अचानक सड़क किनारे का पेड़ भूस्खलन की चपेट में आ गया और देखते ही देखते चलती कार के ऊपर जा गिरा।

पेड़ गिरने से कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया गया कि कार का स्टेयरिंग सिकंदर के पेट के पास आकर लग गया, जिसके चलते वह वाहन के अंदर फंस गए। कार भी पेड़ और मलबे के बीच फंस गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए सिकंदर को बाहर निकाला। इसके बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंचे।
सड़क पर गिरा पेड़ और मलबा, आवाजाही हुई प्रभावित
हादसे के बाद भारी पेड़ और मलबा सड़क पर फैल गया, जिससे कैंचीधाम बाईपास मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी से मलबा आने का खतरा भी बना रहा और राहगीरों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में सड़क किनारे कमजोर हो चुके पेड़ों और संवेदनशील पहाड़ी हिस्सों की निगरानी तथा समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है।
जेसीबी से हटाया गया मलबा, सोमवार सुबह खुला मार्ग
मार्ग बंद होने की सूचना के बाद संबंधित विभाग की टीम ने सोमवार सुबह मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। लोक निर्माण विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से सड़क पर गिरे भारी पेड़ और मलबे को हटाया, जिसके बाद मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया।
बारिश के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। कैंचीधाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए स्थानीय लोगों ने संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी, संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों की पहचान और समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग उठाई है।
हादसे का वीडियो अब सामने आने के बाद यह घटना एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर बारिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानी और त्वरित आपदा प्रबंधन की जरूरत को सामने लाती है।