मां नयना देवी मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की समृद्धि और विकास की कामना — बोले, “मां के आशीर्वाद से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो”…
नैनीताल , 22 सितम्बर 2026।
उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक 124वें मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचकर मां नंदा-सुनंदा के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से उनकी इच्छा थी कि वह इस पावन महोत्सव में शामिल हों, लेकिन व्यस्तताओं के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “मैं हर वर्ष सोचता था कि यहां आऊं, लेकिन व्यस्त हो जाता था। कल शाम तक भी व्यस्त था, लेकिन आज मां ने बुलावा दिया और मैं चला आया।”
मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम करीब चार बजे नैनीताल पहुंचे। सेंट जोसेफ स्कूल में लैंड करने के बाद वह राजभवन मार्ग से होते हुए सीधे मां नयना देवी मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले हनुमान मंदिर में शीश नवाया। इसके बाद मां नयना देवी के समक्ष जमीन पर बैठकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद नन्हे बच्चों से भी मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने श्री भैरव मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, संतोषी मां मंदिर और नवग्रह मंदिर में भी दर्शन किए। इसके पश्चात उन्होंने मां नंदा-सुनंदा के सम्मुख शीश झुकाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।
“जो यहां पहुंचा है, उसे माता का बुलावा है”
मंदिर से प्रदेश की जनता को संदेश देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नंदा-सुनंदा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धालु यहां पहुंचा है, उसे माता का बुलावा मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि मां नंदा-सुनंदा के आशीर्वाद से उत्तराखंड निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छुए और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क और अन्य सुविधाएं पहुंचने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आदि कैलाश सहित प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
रुकी परियोजनाओं को गति देने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लंबे समय से अटकी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति दी जा रही है। उन्होंने जमरानी बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना करीब 50-60 वर्षों से लंबित थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि वर्षों से रुके हुए विकास कार्यों को पूरा किया जाए और प्रदेश की जनता को उसका लाभ मिले।
रोजगार और अतिक्रमण पर भी रखी बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोजगार के क्षेत्र में भी सरकार द्वारा लगातार काम किया जा रहा है। उनके अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 35 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसका उपयोग जनहित और विकास कार्यों के लिए सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में वर्षभर में 9 करोड़ से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। बढ़ती पर्यटक एवं श्रद्धालु संख्या को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में उत्तराखंड में पर्यटन सुविधाओं का और विस्तार हो।
नैनीताल को बताया “देवनगर”
मुख्यमंत्री ने नैनीताल को देवभूमि का महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र बताते हुए कहा कि नैनीताल की अपनी विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। नंदा-सुनंदा महोत्सव इस पहचान को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक परंपराओं, संस्कृति और आस्था को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे मौजूद
महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ महाधिवक्ता एस.एन. बाबुलकर, विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीप दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडलाध्यक्ष नितिन कार्की, अधिवक्ता राजीव बिष्ट, एसएसपी, डीडीए सचिव मनीष सिंह, एडीएम विवेक राय, एसडीएम नवाज़िश खलिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक बार फिर मां नंदा-सुनंदा के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी प्रार्थना है कि उत्तराखंड विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़े और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाए। महोत्सव में मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं में भी उत्साह का संचार किया।