ब्रैकिंग न्यूज़ : नैनीताल में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्टैम्प वेंडर का काम करने वाले पूरन सिंह भाकुनी ने सोमवार सवेरे आत्महत्या कर ली।
नैनीताल। 27 अप्रैल
उत्तराखंड के नैनीताल में जिला न्यायालय और कमिश्नरी के समीप रहने वाले नोटरी अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी की आत्महत्या की खबर से शहर में शोक और सनसनी फैल गई। सोमवार सुबह उनका शव उनकी कार में मिला, जिसके बाद क्षेत्र में अधिवक्ताओं और परिचितों की भीड़ जुट गई।
पूरन सिंह भाकुनी जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्टैम्प वेंडर के रूप में भी कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। छह माह पूर्व ही उनका विवाह हुआ था और वह निजी स्कूलों के समीप किराए के मकान में रह रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कार से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी बीमारी के कारण शारीरिक और मानसिक रूप से लगातार कमजोर होने की बात लिखी है।
नोट में उन्होंने परिजनों के मोबाइल नंबर दर्ज करते हुए अपनी पत्नी का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी, एसएसपी समेत शहर के मित्रों और परिचितों से अनुरोध किया कि उनकी पत्नी को हिम्मत बंधाई जाए ताकि वह कोई गलत कदम न उठाएं।
इस घटना से अधिवक्ता समुदाय और स्थानीय लोगों में गहरा दुख है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।