नैनीताल, 08 जून ।
कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबित मामलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मंडल के सभी छह जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर लंबित वादों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुमाऊँ मंडल में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कुल 523 मामले दर्ज किए गए। इनमें से केवल 103 मामलों का निस्तारण हो सका, जबकि 420 मामले अब भी लंबित हैं। सबसे अधिक मामले नैनीताल जिले में दर्ज हुए हैं, जहां 374 मामलों में से मात्र 49 का ही निस्तारण किया गया है।
दीपक रावत ने कहा कि कुछ जिलों में नए मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जिससे यह संकेत मिलता है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई को और अधिक सक्रिय बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर सघन जांच और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के साथ ही प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में सबसे पुराने तीन लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाकर आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।