नैनीताल,26 मई।
नैनीताल के लोकभवन में आयोजित ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम के चौथे संस्करण में देश की रक्षा में अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों ने पूरे माहौल को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया।
राज्यपाल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के साथ ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद विरोधी अभियानों, एम्बुश, एनकाउंटर और तलाशी अभियानों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सेना, वायुसेना और नौसेना के अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रदेश के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त सैनिकों को उनके परिवारों सहित आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी की स्मृति को समर्पित किया गया। आर्मी बैंड और निजी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। “वंदे मातरम्”, “मेरा रंग दे बसंती चोला”, “हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए” और “तेरी मिट्टी में मिल जावां” जैसे गीतों पर पूरा सभागार देशभक्ति के रंग में रंग गया।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारतीय वायुसेना की ताकत और क्षमता का परिचय कराया है। उन्होंने कहा कि सेना, वायुसेना और नौसेना के वीर जवानों को सम्मानित होते देख गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शहीदों के सम्मान में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें शहीद परिवारों को मिलने वाली सहायता राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि 1734 शहीदों के घरों की मिट्टी और 28 नदियों का जल एकत्र कर शहीद स्मारक निर्माण में उपयोग किया गया है। सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान व कल्याण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम ने एक बार फिर सैनिकों के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रसेवा को नमन करने का संदेश दिया।