रावली महदूद, 1जुलाई
जनपद में नाबालिग बालिकाओं के साथ होने वाले अपराधों को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के पदाधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता के दौरान हाल ही में सामने आए प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि – एक 13 -15 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ कथित रूप से यौन शोषण का मामला सामने आया है। संगठन का दावा है कि जिहादी आरोपी पहले से विवाहित है तथा एक बच्चे का पिता भी है।
विहिप एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों के अनुसार, जिहादी आरोपी निवासी सिडकुल ने कथित रूप से रावली महदूद निवासी एक हिन्दू नाबालिग बालिका को अपने प्रभाव में लेकर उसका शोषण किया, जिसके परिणामस्वरूप वह 5 महीने की गर्भवती हो गई। संगठन ने आरोप लगाया कि बाद में पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाकर गर्भपात कराने का प्रयास किया गया।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि, मामले की जानकारी मिलने के बाद – सोमवार देर रात को संगठन की ओर से सिडकुल पुलिस प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई थी जहा शिकायत के आधार पर पुलिस ने उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर, कल मंगलवार, दिनांक 30 जून को आरोपी सम्बद्ध (उम्र 26 वर्ष) निवासी सिडकुल को न्यायलय में पेश कर जेल भेज दिया गया। संगठन ने पुलिस प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई समाज में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
संगठन ने कहा कि बीते दिनों (एक सप्ताह के अंदर) हरिद्वार जनपद में नाबालिग बालिकाओं से जुड़े गंभीर मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। पदाधिकारियों ने एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि – हाल ही में रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में भी ऐसा हे एक मामला दर्ज है उन्होंने कहा की – ऐसे मामलों ने समाज को गंभीर चिंतन के लिए मजबूर कर दिया है।
विहिप-बजरंग दल का कहना है कि,अपराधी अक्सर उन परिवारों के बच्चों को निशाना बनाने का प्रयास करते हैं जहां माता-पिता रोजगार अथवा अन्य कारणों से लंबे समय तक घर से बाहर रहते हैं और बच्चों की पर्याप्त निगरानी नहीं हो पाती। संगठन ने अभिभावकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।
एमएच-7 न्यूज़ चैनल के माध्यम से क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए विहिप-बजरंग दल हरिद्वार के पदाधिकारियों ने कहा कि – बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवारों को अधिक सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों, विशेषकर नाबालिग बालिकाओं, पर नियमित ध्यान दें, उन्हें लंबे समय तक घर में अकेला न छोड़ें तथा मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के उपयोग की निगरानी रखें।
संगठन ने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विहिप-बजरंग दल ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण बना रहे।