हरिद्वार, 22 मई 2026।
धर्मनगरी हरिद्वार में एक ही परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। तीन साल के जुड़वा बच्चों में से एक मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के कुछ घंटों बाद उसके पिता ने भी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। अब पुलिस मासूम की मौत और पिता के सुसाइड के बीच किसी संबंध की तलाश में जुटी है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार दिनांक 21 मई 2026 सुबह एक महिला अपने दो जुड़वा बच्चों को लेकर उप जिला मेला अस्पताल पहुंची थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद एक बच्चे हृदय को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे जुड़वा बच्चे हार्दिक को उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया था। डॉक्टरों के अनुसार मृत बच्चे की मौत का कारण प्रथम दृष्टया स्पष्ट नहीं हो सका।
मामले की सूचना मिलने पर मायापुर चौकी पुलिस अस्पताल पहुंची और बच्चे की मां बबली से पूछताछ की, लेकिन मासूम की मौत के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इसी बीच पुलिस मृतक बच्चे के पिता राघवेंद्र जोशी (30 वर्ष) की तलाश कर रही थी, क्योंकि उनका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। देर शाम ज्वालापुर क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान आधार कार्ड के माध्यम से राघवेंद्र जोशी निवासी टिकमगढ़, मध्य प्रदेश (हाल निवासी इंद्रलोक कॉलोनी, महदूद) के रूप में की।
जब अस्पताल में मौजूद महिला को शव दिखाया गया तो उसने मृतक की पहचान अपने पति राघवेंद्र जोशी के रूप में की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राघवेंद्र ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। हालांकि अब तक न तो मासूम की संदिग्ध मौत का कारण स्पष्ट हो पाया है और न ही पिता द्वारा आत्महत्या किए जाने की वजह सामने आई है। पुलिस का कहना है कि बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल हरिद्वार पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मासूम की रहस्यमयी मौत और उसके कुछ घंटों बाद पिता के आत्मघाती कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।