हरिद्वार, 29 जून।
गौ, गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पिछले 14 वर्षों से निरंतर सक्रिय सामाजिक संस्था सेवगंगा फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार दिनांक 28 जून को आयोजित की गई। बैठक में संस्था के आगामी वर्ष के विजन, जनकल्याणकारी अभियानों तथा सेवा कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी वन महोत्सव के अंतर्गत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। संस्था का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करना भी रहेगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास स्थायी और प्रभावी बन सकें। सदस्यों ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट के दौर में वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

बैठक में गौ माता की सेवा एवं संरक्षण को लेकर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। साथ ही, मां गंगा की निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान एवं सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि गौ-संवर्धन, गंगा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा भारतीय संस्कृति एवं सनातन जीवन मूल्यों के अभिन्न अंग हैं, जिनके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

सेवगंगा फाउंडेशन ने आगामी वर्ष में विभिन्न सामाजिक, पर्यावरणीय एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया। संस्था का मानना है कि जनसहभागिता के बिना पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकजुट होकर गौ सेवा, गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर संस्था के प्रमुख पदाधिकारी एवं सदस्य अजीत पाल सिरोही, प्रवीण आत्रे, मयंक चौहान, कुलदीप बिश्नोई, बादल तोमर, साजन वाल्मीकि, दीपक तालियान, अंश मल्होत्रा, सतीश शर्मा, पारस तोमर एवं सुखबीर सिंह चौहान उपस्थित रहे।

बैठक का समापन समाज और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन के संकल्प के साथ हुआ।

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