हरिद्वार में मजदूर नेताओं को “गुंडा” बताने पर भड़की ट्रेड यूनियने
हरिद्वार, 21 मई 2026
हरिद्वार में चल रहे मजदूर आंदोलनों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा और विभिन्न श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि मजदूर नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें “गुंडा” साबित करने और जिला बदर करने की साजिश रची जा रही है। इसी के विरोध में आज प्रेस क्लब हरिद्वार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शन आयोजित किया गया।
मजदूर संगठनों का कहना है कि इंकलाबी मजदूर केंद्र के उपाध्यक्ष पंकज कुमार और कार्यकर्ता जयप्रकाश पर गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की ओर से 13 मई को नोटिस जारी किया गया, लेकिन संबंधित लोगों को इसकी जानकारी 20 मई को फोन के माध्यम से दी गई। नोटिस में केवल दो दिन के भीतर 22 मई को एडीएम के सामने पेश होने को कहा गया है। संगठनों ने इसे असंवैधानिक और द्वेषपूर्ण कार्रवाई बताया है।
नेताओं का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन और पुलिस मिलकर मजदूर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाल के दिनों में कई कंपनियों में मजदूर न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन इन आंदोलनों को दबाने के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि हरिद्वार में शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे श्रमिक आंदोलन पर अचानक दबाव बनाया गया। मजदूर नेताओं के अनुसार, तीन कार्यकर्ताओं और एक नेता समेत कुल 22 लोगों पर दो दिनों के भीतर मुकदमे दर्ज कर दिए गए। उनका कहना है कि वे बातचीत और समझौते के पक्ष में थे, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
संगठनों ने बताया कि कई कंपनियों में स्किल्ड वर्करों से हेल्पर के बराबर काम कराया जा रहा है और वेतन भी उसी आधार पर दिया जा रहा है। मजदूरों ने इसका विरोध किया तो आंदोलन तेज हो गया। इसके अलावा महिलाओं से रात की शिफ्ट में जबरन काम कराने और मना करने पर नौकरी से निकालने के आरोप भी लगाए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि केवल हरिद्वार ही नहीं, बल्कि गुरुग्राम-मानेसर, सिडकुल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी मजदूर नेताओं पर कार्रवाई की जा रही है। कई श्रमिकों को गंभीर धाराओं में जेल भेजे जाने का दावा किया गया।
मजदूर संगठनों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन वास्तविक अपराधियों पर कार्रवाई करने में असफल हैं, लेकिन मजदूरों के हक की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि मजदूरों को कोई संगठन नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई, कम वेतन और आर्थिक बदहाली आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है।
संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा ने साफ कहा कि वह इस कार्रवाई के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रखेगा। प्रेस वार्ता में भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, देवभूमि श्रमिक संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन समेत कई यूनियनों और संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजकिशोर महामंत्री अवधेश कुमार देवभूमि श्रमिक संगठन हिंदुस्तान यूनिलीवर के महामंत्री दिनेश कुमार व कार्यकारिणी सदस्य हरीश मेहरा किर्बी श्रमिक कमेटी के प्रधान नरेश कुमार एवं कृष्ण मुरारी क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासीर अहमद प्रगतिशील संगठन की कोषाध्यक्ष व प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की उपाध्यक्ष नीता एवरेडी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार एवं महामंत्री अनिल कुमार व इंकलाबी मजदूर केंद्र के उपाध्यक्ष पंकज कुमार एवं जयप्रकाश आदि लोग उपस्थित रहे।
प्रेस कांफ्रेंस में इंकलाबी मजदूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र,क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार के घटक संगठन भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, फूड्स श्रमिक यूनियन (आईटीसी), देवभूमि श्रमिक संगठन, एवरेडी मजदूर यूनियन सीमेंस वर्कर्स यूनियन (सीएंडएस) आदि संगठनों ने भागीदारी की ।