हरिद्वार, 29 जून।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) हरिद्वार के प्रतिनिधिमंडल ने जनपद में संचालित अवैध एवं मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। परिषद ने विद्यार्थियों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में परिषद ने कहा कि वर्तमान समय में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक कोचिंग संस्थान बिना आवश्यक पंजीकरण, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक अनुमतियों के संचालित हो रहे हैं। कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं का अभाव है, जिससे विद्यार्थियों के जीवन और भविष्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। परिषद का कहना है कि शिक्षा के नाम पर कुछ संस्थानों द्वारा नियमों की अनदेखी कर मनमानी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिन पर प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई आवश्यक है।

एबीवीपी ने अपने ज्ञापन में मांग की कि जनपद में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण एवं सत्यापन अभियान चलाया जाए। बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों का पालन किए संचालित अवैध कोचिंग संस्थानों को तत्काल सील किया जाए। प्रत्येक कोचिंग संस्थान में फायर एनओसी, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों का सत्यापन अनिवार्य बनाया जाए।

परिषद ने यह भी मांग की कि सभी कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार और अन्य सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। विद्यार्थियों से मनमानी शुल्क वसूली, भ्रामक विज्ञापन और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संस्थानों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासन द्वारा समय-समय पर नियमित निरीक्षण कर नियमों के पालन की समीक्षा की जाए।

ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण मांग यह भी रखी गई कि किसी भी कोचिंग संस्थान में निर्धारित सीट क्षमता एवं भवन की वहन क्षमता (ऑक्यूपेंसी कैपेसिटी) से अधिक विद्यार्थियों का प्रवेश और संचालन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाए। यदि कोई संस्थान इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर एबीवीपी के जिला संयोजक सूर्य प्रताप राणा ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान को निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पालन करना ही होगा। जो संस्थान अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं अथवा नियमों की अवहेलना कर रहे हैं, उनके विरुद्ध प्रशासन को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्र हित, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संघर्षरत रहेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान परिषद के जिला संगठन मंत्री अमन सिंह तोमर सहित आशीष त्रिपाठी, प्रिंस शुक्ला और अनंत पाठक भी उपस्थित रहे। परिषद ने प्रशासन से विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।

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