बागेश्वर, 18 जून 2026।
उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले के हिमालयी क्षेत्र में बुधवार, दिनांक 17 जून २०२६ को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ट्रेल्स पास (5,312 मीटर) अभियान पर निकले 19 सदस्यीय पर्वतारोहण दल की जान महज पांच सेकेंड के अंतर से बच गई, जब एक विशाल हिमस्खलन (एवलॉन्च) उनके बेहद करीब से गुजर गया। इस घटना का दिल दहला देने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हिमालय की ऊंची चोटियों से बर्फ का विशाल हिस्सा तेज गति से नीचे गिरता दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार, पर्वतारोहण दल ट्रेल्स पास अभियान पूरा कर वापसी के दौरान एक खड़ी ढलान से नीचे उतर रहा था। अभियान लीडर दिनेश सिंह दानू ने बताया कि उस समय मौसम पूरी तरह साफ था, लेकिन धूप तेज होने के कारण बर्फ पिघलने लगी थी, जिससे हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया था।
इसी दौरान नीचे मौजूद सपोर्ट टीम ने अचानक ऊपर मौजूद सदस्यों को एवलॉन्च की चेतावनी दी। चेतावनी मिलते ही सभी पर्वतारोही तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर बढ़े। कुछ ही क्षण बाद बर्फ का विशाल सैलाब गर्जना के साथ नीचे आया और अभियान दल के बिल्कुल बगल से गुजर गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह मौत मानो दल को छूकर निकल गई।
दिनेश सिंह दानू ने बताया कि यदि टीम के सदस्यों ने पांच सेकेंड भी देर की होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि दल ने पिछले दस दिनों में बर्फीले तूफानों, गहरी हिम दरारों और भारी बर्फबारी जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए ट्रेल्स पास फतह किया था।
टीम की सतर्कता, अनुभव और त्वरित निर्णय के कारण सभी 19 सदस्य सुरक्षित रहे। अभियान सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दल नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप होते हुए सुरक्षित मुनस्यारी लौट आया। इस घटना ने एक बार फिर हिमालयी अभियानों के दौरान सतर्कता और मौसम की लगातार निगरानी के महत्व को रेखांकित किया है।