हरिद्वार, 3 जुलाई।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड के निर्देशों के क्रम में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण जनसंख्या गणना (Population Enumeration) के तहत हरिद्वार नगर निगम के चयनित वार्ड संख्या-10 एवं 12 में आयोजित किए जाने वाले प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण 1 जुलाई से 3 जुलाई 2026 तक नगर निगम हरिद्वार के सेमिनेशन सेल में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड, देहरादून से आए मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागियों को जनगणना कार्य की विभिन्न प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण देने वाले अधिकारियों में श्री सुभाष वर्मा, श्री ध्रुवेंद्र कुमार वर्मा, श्री नितीश रावत, श्री भावेश कुमार धीमान तथा श्री नीरज कुमार दधीवाल शामिल रहे।

कार्यक्रम का संचालन नगर आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री नन्दन कुमार आईएएस के निर्देशन में किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य की महत्ता बताते हुए पूरी जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की प्रस्तावित प्रश्नावली, आंकड़ा संकलन की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, स्व-गणना (Self Enumeration) तथा CMMS पोर्टल के माध्यम से कार्य संपादन की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही चयनित वार्ड संख्या-10 एवं 12 में प्रस्तावित प्री-टेस्ट के संचालन की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण में कुल 22 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे आगामी प्री-टेस्ट को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 3 जुलाई 2026 को हुआ।

इस अवसर पर नगर निगम हरिद्वार की अपर नगर आयुक्त सुश्री सुनीता सर्वसेना, सहायक नगर अधिकारी सुश्री निशात अंसारी, जनगणना लिपिक श्री शिव सिंह चौहान, स्टोर कीपर श्री ओम प्रकाश मौर्य सहित तकनीकी सहायक एवं अन्य संबंधित कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

यह प्रशिक्षण जनगणना-2027 की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्री-टेस्ट के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया, डिजिटल प्रणाली एवं आंकड़ा संकलन व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा, जिससे वास्तविक जनसंख्या गणना के दौरान कार्य को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

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