कोतवाली रानीपुर, 11 जुलाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कोतवाली रानीपुर पुलिस ने दो अलग-अलग गंभीर मामलों का सफल खुलासा करते हुए दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र में आपराधिक तत्वों में खौफ का माहौल है।

पहला मामला: शादी का झांसा देकर कई बार किया दुष्कर्म
पुलिस के अनुसार, रानीपुर क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती 11 अप्रैल 2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। 19 मई 2026 को युवती स्वयं घर लौट आई। इसके बाद उसकी मां ने कोतवाली रानीपुर में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के बयान और मेडिकल परीक्षण के आधार पर पहले से दर्ज गुमशुदगी के मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा की बढ़ोतरी की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी गोविन्द ने युवती को शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया।

दूसरा मामला: नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म
दूसरे मामले में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी का एक युवक लगातार पीछा कर रहा था, अपहरण का प्रयास कर रहा था तथा विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहा था। शिकायत के आधार पर कोतवाली रानीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी करण के विरुद्ध बीएनएस की धारा के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई।

ऑपरेशन प्रहार के तहत दोनों आरोपी दबोचे
दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी। इसी क्रम में 10 जुलाई 2026 को पुलिस ने पहले मामले के आरोपी गोविन्द को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद स्थित बादशाहीबाग बाजार के पास पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के निकट से गिरफ्तार किया। वहीं दूसरे मामले के आरोपी करण को मुखबिर की सूचना पर विष्णुलोक कॉलोनी स्थित बड़ी टंकी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी
गोविन्द (उम्र 24 वर्ष ) पुत्र बेगपाल, निवासी ग्राम मगनपुरा, बादशाहीबाग, थाना मिर्जापुर, जिला सहारनपुर (उ.प्र.)।
करण (उम्र 20 वर्ष) पुत्र काले सिंह उर्फ कालीचरण, निवासी मोहल्ला कड़च्छ, ज्वालापुर, हरिद्वार।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी, उपनिरीक्षक पूजा पाण्डेय, उपनिरीक्षक राहुल थापा, उपनिरीक्षक संदीपा भण्डारी, कांस्टेबल रविन्द्र बिष्ट, कांस्टेबल विवेक गुसाईं एवं कांस्टेबल प्रेम सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रानीपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को ऑपरेशन प्रहार के तहत अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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