बहादराबाद , 29 अप्रैल।
हरिद्वार क्षेत्र कोतवाली बहादराबाद पुलिस ने राजवीर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की शादीशुदा बेटी के प्रेम संबंध इस हत्या की मुख्य वजह बने।


पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पंकज कुमार मृतक राजवीर सिंह की बेटी से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। बेटी पहले से शादीशुदा थी, लेकिन आरोपी उसका तलाक करवाकर खुद उससे विवाह करना चाहता था। इस रिश्ते में राजवीर सिंह सबसे बड़ा रोड़ा बन रहे थे, जिससे आरोपी ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
दिनांक 26 अप्रैल 2026 की शाम पंकज ने अपने साथी छोटेलाल के साथ मिलकर राजवीर को शराब पिलाने के बहाने बौंगला अंडरपास के पास पॉपुलर के खेत में बुलाया। वहां दोनों ने हथौड़े से सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।
अगली सुबह डायल 112 के माध्यम से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिलाचिकित्सालय हरिद्वार की मोर्चरी में भिजवाया गया। बाद में परिजनों ने मृतक की पहचान राजवीर सिंह के रूप में की।
मृतक के बेटे प्रियांशु की तहरीर पर धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के आधार पर आरोपी पंकज को कलियर रोड स्थित लकी हॉस्पिटल के बाहर गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी छोटेलाल को भी नहर पटरी मार्ग से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी और मृतक दोनों सिडकुल की अलग-अलग कंपनियों में काम करते थे और पहले से एक-दूसरे को जानते थे। आज दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस ब्लाइंड मर्डर केस के खुलासे में कोतवाली बहादराबाद, थाना सिडकुल, सीआईयू हरिद्वार और फील्ड यूनिट टीम की संयुक्त भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने पत्रकार वार्ता में पूरी घटना का खुलासा करते हुए पुलिस टीम की सराहना की।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज गौरोला, उपनिरीक्षक प्रवीण बिष्ट, कांस्टेबल बलवंत सिंह, नितुल यादव, विकास थापा, मुकेश नेगी, वीरेन्द्र चौहान, चालक वीरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल अरुण चमोली सहित थाना सिडकुल, सीआईयू हरिद्वार और फील्ड यूनिट के कई अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।