हरिद्वार, 7 जुलाई।
आगामी कांवड़ मेले को लेकर व्यवस्थाओं को और अधिक सुचारु एवं सुरक्षित बनाने की मांग उठने लगी है। इसी क्रम में श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर कांवड़ मेले के दौरान जीरो जोन में तिपहिया और चौपहिया वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने तथा मेला अवधि में शराब और नॉनवेज की दुकानों को बंद रखने की मांग की।
पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि कांवड़ मेले में देशभर से करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ के कारण मुख्य मार्गों पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए जीरो जोन में तिपहिया और चौपहिया वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए।
उन्होंने ज्ञापन में मांग की कि मुख्य सड़कों, हाथी पुल, सुभाष घाट पुल और सीसीआर टावर के आसपास किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए, ताकि शिवभक्तों को बिना किसी बाधा के आवागमन की सुविधा मिल सके। उनका कहना था कि अवैध अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पंडित अधीर कौशिक ने यह भी मांग की कि कांवड़ मेले की अवधि में शिवभक्तों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए हरिद्वार शहर में शराब और नॉनवेज की दुकानों को बंद रखा जाए। उनका कहना था कि इससे धार्मिक वातावरण की गरिमा बनी रहेगी और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान होगा।
उन्होंने हरकी पैड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से हरकी पैड़ी को ‘ए’ श्रेणी का संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया है और इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में कई स्थानों पर नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जिससे कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है।
पंडित अधीर कौशिक ने प्रशासन से मांग की कि हरकी पैड़ी सहित पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि करोड़ों शिवभक्तों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम कांवड़ यात्रा का अनुभव मिल सके।