रुड़की, 18 अगस्त।
नारसन ब्लॉक में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब देहरादून से पहुंची सतर्कता विभाग (विजिलेंस) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रांतीय रक्षक दल विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की अचानक हुई कार्रवाई से ब्लॉक परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, मुण्डयाकी निवासी जोगिंदर ने सतर्कता विभाग से शिकायत की थी कि युवा कल्याण विभाग से संबंधित एक काम को आगे बढ़ाने और कराने के एवज में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी द्वारा उससे 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने मामले का सत्यापन कराया।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। मंगलवार को देहरादून से पहुंची टीम ने तय योजना के अनुसार कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को कथित रूप से 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी की कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने नारसन ब्लॉक परिसर में ही आरोपी अधिकारी से पूछताछ की।
टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से ब्लॉक परिसर में काफी देर तक हलचल बनी रही।विजिलेंस टीम द्वारा आरोपी अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। रिश्वत की मांग और गिरफ्तारी से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
नोट: रिश्वत लेने का आरोप सतर्कता विभाग की कार्रवाई के आधार पर है; मामले में अंतिम तथ्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।