हरिद्वार, 04 अक्टूबर 2026।
अर्द्धकुंभ की तैयारियों के बीच हरिद्वार में विकास कार्यों को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकार वार्ता कर अर्द्धकुंभ के लिए जारी ₹709 करोड़ के बजट के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
आलोक शर्मा ने कहा कि अर्द्धकुंभ आस्था का पर्व है और इससे जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, कुंभ निर्माण कार्यों में निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से अर्द्धकुंभ से जुड़े समस्त निर्माण कार्यों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
ज्वालापुर और बहादराबाद को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने ज्वालापुर और बहादराबाद क्षेत्र को अर्द्धकुंभ के विकास कार्यों से पर्याप्त रूप से नहीं जोड़ने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि विकास कार्यों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग नीति क्यों अपनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सीतापुर, रवि विहार, ब्रह्मपुरी, शिव विहार, आन्नेकी और रोशनाबाद समेत कई कॉलोनियों में सड़कें बदहाल हैं। कई क्षेत्रों में अभी तक सीवर लाइन की सुविधा नहीं पहुंची है। उनका कहना था कि कुछ स्थानों पर पानी की टंकियां तो बना दी गई हैं, लेकिन लोगों को कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
आलोक शर्मा ने कहा कि यदि अर्द्धकुंभ के बजट से इन क्षेत्रों में भी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाता, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों को मिलता और कुंभ के बाद भी यह बुनियादी ढांचा जनता के काम आता।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल
उन्होंने अर्द्धकुंभ के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। शर्मा ने मांग की कि प्रत्येक निर्माण स्थल पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर, कार्यदायी संस्था का नाम और परियोजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जा रहा है तो उसकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता को पता चल सके कि सरकारी धन से कराए जा रहे कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
“पहले काम, बाद में टेंडर” का आरोप
आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में निर्माण कार्य पहले कराए जा रहे हैं और उनके टेंडर बाद में किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे सभी मामलों की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अर्द्धकुंभ के नाम पर जारी धनराशि का प्रत्येक रुपया जनहित में खर्च होना चाहिए। किसी भी स्तर पर कथित बंदरबांट या खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने समस्त निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग सरकार के सामने रखी।
भविष्य के हरिद्वार पर भी उठाया सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अर्द्धकुंभ के लिए होने वाला विकास केवल मेले की अवधि तक सीमित नहीं रहना चाहिए। स्थायी सड़क, सीवर, पेयजल, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं का ऐसा ढांचा तैयार किया जाना चाहिए, जिसका लाभ हरिद्वार की जनता को आने वाले वर्षों तक मिलता रहे।
उल्लेखनीय है कि हरिद्वार में अर्द्धकुंभ से पहले सड़क, पुल, घाट और पैदल मार्ग समेत विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं के लिए ₹709 करोड़ की राशि जारी किए जाने की जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में भी सामने आई है।
आलोक शर्मा ने कहा कि अर्द्धकुंभ आस्था और श्रद्धा का पर्व है, इसलिए इससे जुड़े विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह, सोम त्यागी, मनोज सैनी, सुरेश राणा, निर्मल सोनी, विकास चंद्रा और सीएल यूदेव सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।