हरिद्वार, 06 अक्टूबर 2026।
आगामी कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने के लिए रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ, जिला पुलिस और प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को जीआरपी मुख्यालय हरिद्वार के सभागार में पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड सुश्री अरुणा भारती की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुंभ के दौरान रेलवे स्टेशनों पर उमड़ने वाली संभावित भीड़, यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को लेकर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य “सुरक्षित रेल यात्रा, सुगम आवागमन और बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ कुंभ मेला-2027 के लिए मजबूत एवं समन्वित व्यवस्था तैयार करना” रहा।
रेलवे ट्रैफिक और पैदल यातायात प्लान पर मंथन
बैठक में कुंभ के दौरान रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की बढ़ने वाली संख्या को देखते हुए रेलवे ट्रैफिक प्लान और पैदल यातायात प्लान को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। सामान्य दिनों के साथ-साथ सप्ताहांत और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान यात्रियों के दबाव को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग की व्यवस्था, यात्रियों की आवाजाही तथा अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों के संचालन और टिकट चेकिंग व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया।
रेलवे स्टेशनों के होल्डिंग और स्क्रूटनिंग एरिया की क्षमता तथा सीमांकन को लेकर भी अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि भीड़ को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके और स्टेशन परिसर में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

स्टेशन और पार्किंग क्षेत्रों का होगा भौतिक निरीक्षण
कुंभ की तैयारियों के तहत रेलवे स्टेशनों और संभावित पार्किंग एवं होल्डिंग एरिया का भौतिक निरीक्षण कर आवश्यक स्थानों को चिन्हित करने पर सहमति बनी। स्टेशन परिसर में आने वाले ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी, रिक्शा और तांगा आदि के लिए पार्किंग व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इसके साथ ही स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों के आसपास अतिक्रमण की स्थिति का भी आकलन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो।

सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक और मैनपावर पर जोर
कुंभ मेले के दौरान रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरों, HHMD, DFMD, बैगेज स्कैनर, मिरर सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और आवश्यकता का आकलन किया गया।
स्टेशन पर तैनात होने वाले कुली, वेंडर, ऑटो-ई-रिक्शा चालक, रिक्शा चालक और तांगा चालकों के सत्यापन की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा इंटेलिजेंस यूनिट, एंटी-सबोटाज टीम, बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
आपदा और इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान होगा तैयार
कुंभ जैसे बड़े आयोजन में किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। अलग-अलग संभावित परिस्थितियों के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया यानी SOP विकसित करने पर भी सहमति बनी, ताकि आपात स्थिति में सभी विभागों के बीच तत्काल और प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा सके।
अमृत भारत योजना के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा
बैठक में रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत योजना के तहत चल रहे छोटे और बड़े निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। फुट ओवर ब्रिज, सीढ़ियां, अंडरपास, प्लेटफॉर्म, स्वचालित सीढ़ियां और अन्य यात्री सुविधाओं की वर्तमान स्थिति एवं क्षमता का जायजा लिया गया।
इन संरचनाओं की डिजाइन, लाइटिंग और सेवा अवधि से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा हुई, ताकि कुंभ के दौरान अत्यधिक यात्री दबाव के बीच किसी प्रकार की परेशानी न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस व्यवस्था पर भी फोकस
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों पर स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस प्रबंधन की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि किसी यात्री के बीमार पड़ने या घायल होने की स्थिति में उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
हेल्प डेस्क और खोया-पाया केंद्र होंगे मजबूत
कुंभ में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, पूछताछ केंद्र और खोया-पाया केंद्र की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन पर जानकारी और सहायता आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।
पुलिस बल के ठहरने और भोजन की भी होगी व्यवस्था
कुंभ के दौरान तैनात किए जाने वाले पुलिस बल के चरणवार व्यवस्थापन, थाना एवं चौकियों के सीमांकन के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।
बैठक में रेलवे स्टेशनों की संयुक्त सुरक्षा समीक्षा के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और उसमें सामने आने वाली कमियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
समन्वय बैठक में पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड सुश्री अरुणा भारती, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ मुरादाबाद ऋषि शुक्ला, उप मेला अधिकारी कुंभ मनजीत सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे मुरादाबाद महेश यादव, CMI मुरादाबाद ऋषि भटनागर, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे अनुज, पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश तुषार बोरा और पुलिस उपाधीक्षक यातायात हरिद्वार बीपेंद्र सिंह सहित जीआरपी, आरपीएफ, रेलवे और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का फोकस साफ रहा कि कुंभ मेला-2027 में रेलवे से हरिद्वार पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा, नियंत्रित भीड़ प्रबंधन, सुगम आवागमन और बेहतर यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।