हरिद्वार, 7 अगस्त।
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने में जहां हरिद्वार पुलिस दिन-रात मुस्तैदी से डटी हुई है, वहीं पुलिस का सहयोग कर रहे स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स (SPO) और ट्रैफिक वालंटियर्स भी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन कर रहे हैं। इन्हीं कर्मठ सहयोगियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने ग्रामीण क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा गोष्ठी के दौरान एक एसपीओ और दो ट्रैफिक वालंटियर्स को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

एसपी देहात ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजन को सफल बनाने में पुलिस के साथ-साथ वालंटियर्स और एसपीओ की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी सम्मानित सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सेवा भावना, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय व्यवहार अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। समीक्षा गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों ने भी तालियां बजाकर सम्मानित सदस्यों का उत्साह बढ़ाया।

सम्मानित किए गए एसपीओ जनेश्वर गिरी, निवासी डूंगरपुर, कोतवाली लक्सर, ने मंगलौर नहर पुल क्षेत्र में तैनाती के दौरान नहर पटरी और हाईवे क्रॉसिंग पर कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अथक परिश्रम करते हुए नहर पटरी पर यातायात को सुचारु बनाए रखा। इसके अलावा 6 अगस्त को एक कांवड़ खंडित होने से निराश शिवभक्त को समझाकर नई कांवड़ उपलब्ध कराने और उसे प्रसन्नतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर रवाना कराने में भी उनकी संवेदनशील भूमिका की विशेष सराहना की गई।

इसी प्रकार ट्रैफिक वालंटियर शहजाद, निवासी नगला इमरती, ने नगला इमरती अंडरपास पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ शिवभक्तों से मृदुभाषी व्यवहार कर सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं ट्रैफिक वालंटियर शुभम कुमार, निवासी मोहम्मदपुर जट्ट, ने भी उसी क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन और कांवड़ियों के प्रति सहयोगात्मक एवं विनम्र व्यवहार से अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस, एसपीओ और ट्रैफिक वालंटियर्स के सामूहिक प्रयासों से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और शिवभक्तों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने का कार्य लगातार किया जा रहा है। ऐसे समर्पित सहयोगियों का सम्मान न केवल उनके मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि अन्य स्वयंसेवकों को भी समाज और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए प्रेरित करता है।

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