हरिद्वार, 6 अगस्त।
हरियाणा के करनाल जनपद के गांव मंगलपुर से आए 24–25 शिवभक्तों के दल ने इस वर्ष की कांवड़ यात्रा 2026 को देशभक्ति और श्रद्धा का अनूठा स्वरूप दिया। शिवभक्तों ने 111 फीट लंबे तिरंगे से सुसज्जित विशेष कांवड़ के साथ हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल भरा। उनका कहना है कि इस कांवड़ यात्रा का उद्देश्य केवल भगवान शिव का जलाभिषेक करना ही नहीं, बल्कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना भी है। तिरंगे के साथ निकली यह अनूठी कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
शिवभक्तों ने बताया कि वे 1 अगस्त को हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। मां गंगा का पवित्र जल लेने के बाद अब वे अपने गंतव्य करनाल के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। दल के सदस्यों के अनुसार वे 10 अगस्त तक करनाल पहुंचेंगे और 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
शिवभक्तों का कहना है कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। कांवड़ यात्रा में तिरंगे को साथ लेकर चलने का संदेश यह है कि धर्म और राष्ट्रभक्ति दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उनका मानना है कि जिस प्रकार सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है कि वह राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना बनाए रखे।
हरिद्वार में इस अनूठी तिरंगा कांवड़ को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। लोगों ने शिवभक्तों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे आस्था, राष्ट्रभक्ति और शहीदों के सम्मान का प्रेरणादायक संगम बताया। हर-हर महादेव और भारत माता की जय के जयघोषों के बीच निकली यह कांवड़ यात्रा श्रद्धा के साथ-साथ देशप्रेम का भी सशक्त संदेश देती नजर आई।