हरिद्वार, 11 जुलाई।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को देहरादून में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार को ऋषिकुल स्थित कांग्रेस कार्यालय में युवा कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक ने की। इस दौरान हरिद्वार जिले के युवा कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम की तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति और अधिकतम युवा सहभागिता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल सिंह भोजक ने कहा कि 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रदेशभर के युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत राजस्थान के कोटा से विशाल रैली के माध्यम से की गई थी। अब इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड के युवाओं और छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।

विशाल सिंह भोजक ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना और छात्रों तथा युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अनिश्चितता ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। इन परिस्थितियों के कारण छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ा है और कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस, उच्च शिक्षा का बढ़ता खर्च, डिग्री प्राप्त करने के बाद भी रोजगार के सीमित अवसर और युवाओं के भविष्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर राहुल गांधी छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है कि युवाओं की आवाज सीधे केंद्र सरकार तक पहुंचे और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रख रही है। पहली, देश की परीक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर उसे पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाए। दूसरी, बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। तीसरी, देशभर में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों के लिए हर वर्ष एक निश्चित कैलेंडर जारी किया जाए, जिसका पालन सभी बोर्ड और आयोगों के लिए अनिवार्य हो।
उन्होंने बताया कि देहरादून में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से लगभग 20 हजार युवाओं और छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।
विशाल सिंह भोजक ने यह भी बताया कि कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए कांग्रेस ने डिजिटल अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत देशभर के छात्र ऑनलाइन माध्यम से आंदोलन के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून के बाद राहुल गांधी प्रयागराज, पटना और दिल्ली में भी छात्रों के साथ संवाद करेंगे।
बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी, मनोज सैनी, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव दिव्यांश अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष अंकुर सैनी, महानगर महासचिव सार्थक ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष यश शर्मा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विकास चंद्रा, समर्थ अग्रवाल, सागर बेनीवाल, निखिल सौदाई, आशु श्रीवास्तव, राव शादाब सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।