हरिद्वार, 7 जुलाई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में जनपद हरिद्वार में लक्ज़री बसों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने मंगलवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन वाहन जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।



सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान परिवहन कर अधिकारी मुकेश भारती, इंटरसेप्टर प्रभारी वरुणा सैनी, संभागीय निरीक्षक आनंद वर्धन तथा परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने विभिन्न स्थानों पर लक्ज़री बसों की गहन जांच की। जांच के दौरान बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, कर अदायगी, चालक के ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन किया गया।


निरीक्षण के दौरान कई बसों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 15 लक्ज़री बसों के चालान किए गए। वहीं गंभीर अनियमितताओं के कारण 2 बसों को मौके पर ही सीज़ कर दिया गया। इसके अलावा तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 बसों की फिटनेस निरस्त किए जाने की संस्तुति भी की गई है।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने काश्यप धर्मशाला क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखी। विभाग की टीम ने सुनिश्चित किया कि कोई भी लक्ज़री बस इस क्षेत्र में अवैध रूप से रुककर यात्रियों को न चढ़ाए और न ही उतारे। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और सड़क पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न होने पाए। सभी बसों का संचालन केवल निर्धारित स्टॉप एवं अधिकृत स्थानों से ही कराया गया।
परिवहन विभाग के अनुसार मंगलवार को चलाए गए विशेष अभियान में विभिन्न श्रेणियों के कुल 60 वाहनों के चालान किए गए, जिनमें 15 लक्ज़री बसें शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यातायात व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऐसे विशेष प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं प्रचलित नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों एवं संचालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी वाहन संचालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, कर अदायगी एवं अन्य आवश्यक अभिलेख समय-समय पर अद्यतन रखें तथा सभी नियमों का पालन करते हुए ही वाहन संचालन करें, जिससे सुरक्षित, व्यवस्थित एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था बनाए रखी जा सके।