भारतीय उच्चायोग लगातार दे रहा कांसुलर सहायता, परिवार और कानूनी टीम के संपर्क में अधिकारी

रामनगर,28 जून
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर निवासी और अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर के कप्तान अजय पंत इन दिनों ब्रिटेन की विनचेस्टर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। इस बीच भारतीय उच्चायोग, लंदन ने उन्हें हरसंभव कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 16 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।

भारतीय उच्चायोग की ओर से सांसद अजय भट्ट को भेजे गए आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि कैप्टन अजय पंत से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। उच्चायोग ने उनकी पत्नी, कानूनी प्रतिनिधियों, नियोक्ता और ब्रिटिश अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया है ताकि उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

स्वस्थ हैं कैप्टन अजय पंत, परिवार को दी गई जानकारी
उच्चायोग के अनुसार कैप्टन अजय पंत ने स्वयं को सामान्य रूप से स्वस्थ बताया है। भारतीय अधिकारियों ने ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से भी संपर्क कर यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि उन्हें सभी कानूनी और मानवीय अधिकार प्राप्त हों।

गौरतलब है कि हाल ही में कैप्टन पंत की पत्नी ने सांसद अजय भट्ट से मुलाकात कर अपने पति की रिहाई और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय उच्चायोग से संपर्क किया, जिसके बाद विस्तृत जानकारी साझा की गई।

क्या है पूरा मामला?
38 वर्षीय कैप्टन अजय पंत अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर एमवी स्मिर्टोस (MV Smyrtos) के कप्तान थे। यह जहाज 4 जून 2026 को रूस के उस्त-लूगा बंदरगाह से लगभग 1.01 लाख टन उराल क्रूड ऑयल लेकर गुजरात के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुआ था।

बताया जाता है कि 14 जून 2026 को इंग्लिश चैनल में ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) और रॉयल मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर के जरिए जहाज पर विशेष कार्रवाई करते हुए उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद जहाज और उसके संचालन से जुड़े लोगों की जांच शुरू की गई।

‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े होने का आरोप
ब्रिटिश जांच एजेंसी का आरोप है कि एमवी स्मिर्टोस कथित रूप से रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था। पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल के परिवहन के लिए ऐसे जहाजों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जाती रही है।

इसी आधार पर ब्रिटिश अधिकारियों ने कैप्टन अजय पंत के खिलाफ Russia (Sanctions) Regulations 2019 के कथित उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और अदालत में मामले की सुनवाई जारी है।

16 जुलाई की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में 16 जुलाई 2026 को होने वाली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान अदालत में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और बचाव पक्ष के तर्कों पर विचार किया जाएगा। कैप्टन पंत के परिवार और स्थानीय लोगों की निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

उच्चायोग ने दिया सहयोग का भरोसा
भारतीय उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि कैप्टन अजय पंत और उनके परिवार को आवश्यक कांसुलर सहायता तथा कानूनी प्रक्रिया से संबंधित हरसंभव सहयोग लगातार उपलब्ध कराया जाता रहेगा। उच्चायोग ने यह भी आश्वस्त किया है कि मामले की निगरानी की जा रही है और भारतीय नागरिक के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

रामनगर के निवासी कैप्टन अजय पंत की गिरफ्तारी का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। 16 जुलाई को होने वाली सुनवाई से इस मामले की दिशा तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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