लक्सर, 12 जून।
जनपद हरिद्वार में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली लक्सर पुलिस, CIU रुड़की और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹1.48 लाख नकद और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है।

साइबर ठगी की रकम को देते थे नया ठिकाना
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न CSC सेंटरों, पेट्रोल पंपों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के QR कोड व बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए करते थे। गिरोह विशेष रूप से तैयार APK फाइलों और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को निशाना बनाता था और ठगी की रकम सीधे इन खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके।
इसके बाद आरोपी CSC संचालकों और अन्य खाताधारकों से नकद धनराशि प्राप्त कर उसे विभिन्न कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के माध्यम से अन्य बैंक खातों में जमा कर देते थे। इस प्रक्रिया से ठगी की रकम की “लेयरिंग” कर जांच एजेंसियों के लिए उसकी वास्तविक ट्रेल तक पहुंचना कठिन बना दिया जाता था।

भावनात्मक कहानियों से लोगों को बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को वाहन चालान, गंभीर बीमारी या अन्य मानवीय संकटों की कहानियां सुनाकर भावनात्मक रूप से प्रभावित करते थे। इसके बाद उनसे नकद धनराशि प्राप्त कर लेते थे और बदले में संदिग्ध स्रोतों से उनके खातों में रकम जमा कराते थे।
बाद में जब संबंधित खातों में साइबर ठगी की रकम आने के कारण बैंक खाते फ्रीज हो जाते थे, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलता था।

शिकायत के बाद खुला मामला
10 जून 2026 को ग्राम दाबकी कला निवासी मनीष कुमार और सुशील कुमार ने कोतवाली लक्सर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि कुछ व्यक्तियों ने वाहन चालान और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का बहाना बनाकर उनसे क्रमशः ₹91,000 और ₹80,000 नकद लिए थे।
बाद में उनके बैंक खाते फ्रीज होने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। शिकायत के आधार पर कोतवाली लक्सर में मु0अ0सं0 550/2026 एवं 551/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

तकनीकी जांच और CCTV से मिले सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और CIU की मदद से जांच शुरू की। आरोपियों के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से कई QR कोड, स्कैनर विवरण और स्क्रीनशॉट बरामद हुए, जिनका मिलान CCTV फुटेज से किया गया।
जांच के आधार पर 11 जून 2026 को पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान
अंकित चौहान, पुत्र मुल्तान सिंह, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर।
विशाल चौहान, पुत्र पवन सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम शाहपुर, थाना बेहट, जिला सहारनपुर।

बरामदगी
अंकित चौहान से ₹80,000 नकद
विशाल चौहान से ₹68,000 नकद
घटना में प्रयुक्त POCO Blue मोबाइल फोन

पुलिस की अपील
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, QR कोड, UPI या अन्य वित्तीय संसाधन उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना आपको अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बना सकता है।
संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

कार्रवाई करने वाली टीम में शामिल
लक्सर पुलिस टीम के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोशियारी,वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन चौहान,उपनिरीक्षक राजीव उनियाल,कांस्टेबल पंचम, कांस्टेबल रियाज,
CIU / साइबर सेल टीम, रविन्द्र शाह, प्रभारी CIU , ASI अश्विनी,कांस्टेबल ओसाब, साइबर सेल रुड़की रहे।

विशेष: यह मामला साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए “म्यूल अकाउंट” नेटवर्क की ओर संकेत करता है, जिसमें भोले-भाले लोगों और व्यावसायिक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को वैध दिखाने का प्रयास किया जाता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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