मुख्य तथ्य एक नजर में
शव बरामद: 10 मई 2026
स्थान: चंडी देवी रोपवे के पास, हरिद्वार
मृतका: कौशल्या, निवासी बांदा (उत्तर प्रदेश)
हत्या का कारण: प्रेम प्रसंग और शादी का दबाव
जांच अवधि: 25 दिन
विश्लेषित फुटेज: 600 घंटे
जांचे गए मोबाइल नंबर: 1.64 लाख से अधिक
गिरफ्तार आरोपी: 3
दूरी: लगभग 700 किलोमीटर दूर से आरोपियों की गिरफ्तारी

हरिद्वार, 07 जून 2026।
चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास जंगल की झाड़ियों में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस ने 25 दिनों की अथक मेहनत और तकनीकी विवेचना के बाद सुलझा लिया है। मृतका की पहचान से लेकर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी तक की कहानी पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

10 मई को मिला था सड़ी-गली अवस्था में महिला का शव :-
10 मई 2026 को चंडी देवी मंदिर रोपवे के समीप बंद पड़े पैदल मार्ग पर घनी झाड़ियों के बीच एक महिला का निर्वस्त्र शव बरामद हुआ था। शव इतनी बुरी तरह सड़ चुका था कि चेहरे से पहचान करना लगभग असंभव था।

घटनास्थल से पुलिस को दो कुंडल, टूटा मंगलसूत्र, एक सफेद गमछा तथा महिला के गले में कसकर बंधा ब्लाउज मिला, जिससे हत्या की आशंका प्रबल हो गई।

पहचान बनी सबसे बड़ी चुनौती :-
मृतका का चेहरा पूरी तरह नष्ट हो चुका था। पुलिस को केवल उसके हाथों पर बने टैटू ही पहचान का आधार मिले।
दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में “KAUSHILYA” लिखा था।
फूलदान (Flower Pot) का निशान बना था।
बाएं हाथ पर दिल के आकार में “K.R.” अंकित था।
हथेली के पीछे “ॐ” का चिन्ह गुदा हुआ था।

इन संकेतों के आधार पर पुलिस ने देशभर के गुमशुदगी रिकॉर्ड खंगाले।
164 गुमशुदा कौशल्या और 3540 महिलाओं का खंगाला गया रिकॉर्ड

जांच के दौरान पुलिस ने:
2019 से अब तक दर्ज 164 गुमशुदा “कौशल्या” नाम की महिलाओं का रिकॉर्ड खंगाला।
निर्वाचन अभिलेखों में दर्ज 3540 महिलाओं का सत्यापन किया।
डीसीआरबी, एससीआरबी और एनसीआरबी से जानकारी जुटाई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी।
फिर भी शुरुआती दिनों में मृतका की पहचान नहीं हो सकी।

600 घंटे की CCTV फुटेज और 1.64 लाख मोबाइल नंबरों का विश्लेषण :-
जांच टीम ने 1 मई से 10 मई तक क्षेत्र के सभी उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
हालांकि कई कैमरे आंधी-तूफान के कारण क्षतिग्रस्त थे, फिर भी पुलिस ने:
करीब 600 घंटे की फुटेज देखी।
1,64,605 मोबाइल नंबरों के डंप डेटा का विश्लेषण किया।
ट्रूकॉलर और अन्य तकनीकी माध्यमों से संदिग्धों की पहचान की।

एक फुटेज बनी पूरी जांच की दिशा बदलने का कारण :-
8 मई की एक सीमित सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को चार लोग दिखाई दिए।
फुटेज में:
तीन पुरुष और एक महिला चंडी देवी मंदिर की ओर जाते नजर आए।
लौटते समय महिला उनके साथ नहीं थी।
यहीं से पुलिस को पहला बड़ा सुराग मिला।

700 किलोमीटर दूर बुंदेलखंड पहुंची हरिद्वार पुलिस :-
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंची।
जांच में तीन संदिग्धों के नाम सामने आए:
रामप्रकाश उर्फ गोविंदा
राकेश
छेदीलाल
तीनों बांदा जनपद के निवासी निकले।

प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह :-
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतका कौशल्या और आरोपी रामप्रकाश के बीच प्रेम संबंध थे।
रामप्रकाश पहले से शादीशुदा था, लेकिन कौशल्या उस पर विवाह करने का दबाव बना रही थी।
इस दबाव से छुटकारा पाने के लिए रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

चंडी देवी दर्शन का झांसा देकर हरिद्वार बुलाया :-
आरोपियों ने कौशल्या को चंडी देवी मंदिर दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार बुलाया।
योजना के तहत उसे ऐसे स्थान पर ले जाया गया जहां लोगों की आवाजाही कम रहती है।
वहीं गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई और शव झाड़ियों में फेंक दिया गया।

पहचान मिटाने की थी पूरी साजिश :-
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जानबूझकर हरिद्वार को वारदात के लिए चुना था।
उनकी योजना थी कि:
शव दूर प्रदेश में मिलने से पहचान नहीं हो पाएगी।
पुलिस को मृतका का कोई सुराग नहीं मिलेगा।
हत्या हमेशा के लिए रहस्य बन जाएगी।
लेकिन हरिद्वार पुलिस की तकनीकी जांच ने पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।

एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में बनी विशेष टीम :-
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच की निगरानी:
एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई।
तकनीकी जांच की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को दी गई।

तीनों आरोपी गिरफ्तार :-
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से:
तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन
एक पिट्ठू बैग
बरामद किया है।
तीनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में कार्रवाई की गई है।

पुलिस टीम को मिला इनाम :-
इस जटिल और चुनौतीपूर्ण हत्याकांड का खुलासा करने पर:
गढ़वाल परिक्षेत्र पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक ने ₹5,000 का पुरस्कार घोषित किया।
एसएसपी हरिद्वार ने टीम को ₹2,500 का अतिरिक्त पुरस्कार देने की घोषणा की।

मुख्य तथ्य एक नजर में :-
शव बरामद: 10 मई 2026
स्थान: चंडी देवी रोपवे के पास, हरिद्वार
मृतका: कौशल्या, निवासी बांदा (उत्तर प्रदेश)
हत्या का कारण: प्रेम प्रसंग और शादी का दबाव
जांच अवधि: 25 दिन
विश्लेषित फुटेज: 600 घंटे
जांचे गए मोबाइल नंबर: 1.64 लाख से अधिक
गिरफ्तार आरोपी: 3
दूरी: लगभग 700 किलोमीटर दूर से आरोपियों की गिरफ्तारी

यह मामला तकनीकी विवेचना, धैर्य और वैज्ञानिक जांच का ऐसा उदाहरण है जिसमें मृतका और हत्यारे दोनों अज्ञात थे, लेकिन हरिद्वार वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की।

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