हरिद्वार, 07 जून ।
हरिद्वार में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने ऊर्जा निगम और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम पुलिस की मदद से लोगों के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिश कर रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में जनता इसका खुलकर विरोध कर रही है।
शनिवार दिनांक 06 जून को प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के पुराने मीटर सही तरीके से काम कर रहे हैं, उन्हें बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से आने वाले बिलों को लेकर पहले से ही जनता में असंतोष और मतभेद बने हुए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर छोटे व्यापारियों और गरीब व्यवसायियों का रोजगार प्रभावित करने का भी आरोप लगाया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सानी और सुनील त्यागी ने कहा कि शहर में हजारों पुराने मीटर सुचारू रूप से चल रहे हैं, फिर भी स्मार्ट मीटर लगाने की जल्दबाजी समझ से परे है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन केवल छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण पर भी समान रूप से कार्रवाई करे।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय सानी ने वर्तमान मास्टर प्लान को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इससे आवास निर्माण, होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। उन्होंने भू-उपयोग शुल्क में 567 प्रतिशत तक बढ़ोतरी के शासनादेश को तत्काल वापस लेने की मांग की और कहा कि सरकार के फैसलों से रोजगार, व्यापार और श्रमिक वर्ग पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं कैलाश प्रधान और सतीश दूबे ने बढ़ती महंगाई और वीआईपी मूवमेंट के कारण आम जनता को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जनता के कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि स्मार्ट मीटर, अतिक्रमण कार्रवाई और मास्टर प्लान जैसे मुद्दों पर यदि जनता की आवाज नहीं सुनी गई तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेगी।