ऋषिकेश। धर्मनगरी ऋषिकेश में सनातन आध्यात्मिक परंपरा का एक विशेष अवसर देखने को मिला। जापान से आए साधकों का श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी की संत परंपरा से जुड़ाव हुआ और उन्हें महामंडलेश्वर पद से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी, स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे।
कार्यक्रम में श्री महंत डॉ. रवि पुरी, महंत राम रतन गिरि, महंत राज गिरि महाराज और स्वामी दर्शन भारती जी महाराज सहित अन्य संत एवं श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जापान से आए साधकों ने भारतीय सनातन परंपरा के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया। इनमें से एक संत ने अपनी मातृभाषा जापानी में श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उनके संबोधन का हिंदी में अनुवाद किया गया, जिससे उपस्थित लोगों तक उनका संदेश आसानी से पहुंचा।
यह आयोजन भारतीय सनातन आध्यात्मिक परंपरा की वैश्विक पहुंच और विदेशों से आने वाले साधकों की भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति आस्था को दर्शाता है