हरिद्वार, 7 अक्टूबर 2026।
वोट चोरी, SIR में गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हरिद्वार में कांग्रेस ने बुधवार को जोरदार विरोध मार्च निकालकर अपना दमखम दिखाया। ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारों से शिवमूर्ति चौक से लेकर नगर कोतवाली तक का इलाका गूंज उठा।
उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के संयुक्त नेतृत्व में निकाले गए इस विरोध मार्च में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से लेकर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर दिखाई दिए। खास बात यह रही कि लंबे समय से अलग-अलग खेमों में नजर आने वाली कांग्रेस इस प्रदर्शन में एक बैनर के नीचे एकजुट दिखाई दी।


मार्च में हरक सिंह रावत, यशपाल राणा, प्रीतम सिंह, गुरदीप सिंह सप्पल, आलोक शर्मा, डॉ. संजय पालीवाल, अमन गर्ग, गरिमा मेहरा दासौनी, विधायक रवि बहादुर, अनिल चौधरी, कैश खुराना, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, डॉ. संतोष चौहान, अंजू द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।

गोदियाल बोले—लोकतंत्र का दुनिया में मजाक बना रही बीजेपी
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी ने देश और जनता के साथ धोखा किया है। उनका आरोप था कि देश के लोकतंत्र की विश्वभर में प्रतिष्ठा रही है, लेकिन मौजूदा हालात में दुनिया के सामने भारतीय लोकतंत्र का मजाक बन रहा है।

शैलजा ने साधा निशाना
प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने भी बीजेपी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर देश की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है।

गरिमा दासौनी का हमला—‘तानाशाही रवैया’
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दासौनी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसदों को लेकर हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए इसे ‘तानाशाही रवैया’ बताया।
हरक सिंह रावत बोले—‘विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है सरकार’
पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने भी बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है और महंगाई, बेरोजगारी समेत कई मुद्दों पर जनता परेशान है।
कुलियों ने भी दिया कांग्रेस के प्रदर्शन को समर्थन
इस विरोध प्रदर्शन में एक और तस्वीर ने सभी का ध्यान खींचा। कुलियों ने भी कांग्रेस के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया और विरोध के नारों में शामिल हुए। इससे कांग्रेस के प्रदर्शन को और राजनीतिक रंग मिल गया।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन?
हरिद्वार में हुए इस विरोध मार्च की सबसे बड़ी राजनीतिक तस्वीर कांग्रेस की एकजुटता रही। पार्टी के कई बड़े चेहरे एक साथ सड़क पर नजर आए। ऐसे समय में जब उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है, कांग्रेस का यह प्रदर्शन महज विरोध मार्च नहीं बल्कि एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन के संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
सवाल अब यही है—क्या हरिद्वार की सड़क पर दिखी यह कांग्रेस की एकजुट तस्वीर आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए चुनौती बनेगी?