हरिद्वार,22 सितम्बर 2026।
कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने दूधियाबंद बस्ती के समीप जंगल में मिले अज्ञात शव के मामले का खुलासा करते हुए कथित हत्या में शामिल एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गोपाल पुत्र उमा चरण, निवासी नई बस्ती, आबकारी चौकी के निकट, बिजनौर (उत्तर प्रदेश), उम्र करीब 50 वर्ष के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का चापड़ भी बरामद किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर 2026 की सुबह दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव मिला था। शव के पास बिजनौर जाने वाली बस का टिकट मिला, लेकिन पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था। इसके बाद पुलिस ने आसपास के थानों और सीमावर्ती जनपदों में संपर्क कर मृतक की पहचान कराने के प्रयास शुरू किए।
लगातार किए गए प्रयासों के बाद 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान गोपाल के रूप में की। मृतक के बेटे आशु कुमार की तहरीर पर कोतवाली नगर हरिद्वार में मुकदमा संख्या 523/2026, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ में सामने आई कथित हत्या की कहानी
पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, मृतक की पहचान एक महिला से हुई थी। पुलिस का कहना है कि महिला के पति नरेंद्र का मेरठ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था और इसी दौरान मृतक के संपर्क में महिला आई। बाद में दोनों के बीच बातचीत और कथित रूप से संबंध बन गए।
पुलिस के अनुसार, मृतक महिला पर अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बना रहा था। महिला द्वारा इसका विरोध किए जाने के बावजूद कथित तौर पर उसे लगातार साथ आने के लिए कहा जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान महिला के बिजनौर पहुंचने पर उसके पति को दोनों के संबंधों की जानकारी हुई। इसी दौरान मृतक और महिला के पति के बीच विवाद भी हुआ। जांच के मुताबिक, महिला ने बाद में अपने पति को बताया कि मृतक कथित रूप से उसे धमका रहा था और परेशान कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बाद नरेंद्र ने अपनी पत्नी, अपने भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गोपाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि इस योजना में एक व्यक्ति को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी।
हरिद्वार बुलाकर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, 16 सितंबर की रात महिला ने गोपाल को मिलने के लिए हरिद्वार बुलाया। इसके बाद वह उसे गंगा घाट की ओर ले गई। पुलिस का कहना है कि शराब और खाना खाने के बाद जब गोपाल घाट के पास सो गया, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उस पर चापड़ और चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर मृतक का मोबाइल फोन और पर्स निकालकर गंगा में फेंक दिया और वहां से चले गए।
मोतीचूर रेलवे स्टेशन से दंपत्ति गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से नरेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—
- नरेंद्र पुत्र ओम प्रकाश, निवासी ग्राम मोमिनपुर दर्गो भारेरा, कोतवाली बिजनौर, जनपद बिजनौर, उम्र करीब 40 वर्ष।
- नरेंद्र की पत्नी, उम्र करीब 36 वर्ष।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का चापड़ बरामद करने की बात कही है। वहीं मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में कोतवाली नगर पुलिस और CIU की टीम ने संयुक्त रूप से काम किया। पुलिस के अनुसार, अज्ञात शव की पहचान से लेकर हत्या के पीछे के कथित कारणों और आरोपियों तक पहुंचने में टीम ने कई स्तरों पर जांच की।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, व0उ0नि0 नंद किशोर ग्वाड़ी, उ0नि0 नवीन सिंह चौहान, उ0नि0 नवीन नेगी, उ0नि0 खेमेंद्र गंगवार, उ0नि0 अंशुल अग्रवाल, अपर उ0नि0 संदीप वर्मा, हे0का0 संजय कुमार पाल, हे0का0 सतीश नौटियाल, हे0का0 अजीत तोमर, का0 निर्मल, का0 राकेश कुमार, का0 पवन और म0का0 शोभा शामिल रहे।
सहयोगी टीम में CIU प्रभारी नरेंद्र बिष्ट और का0 वसीम शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए प्रयास जारी हैं। घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।