जूते पहनकर गंगा में सफाई अभियान का वीडियो सामने आने पर स्वामी आनंद स्वरूप ने जताई कड़ी नाराजगी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की तत्काल कार्रवाई की मांग…
स्वामी आनंद स्वरूप का तीखा विरोध, मुख्यमंत्री से सीधी मांग
हरिद्वार,31अक्टूबर ।
धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के बीच मां गंगा की धार्मिक मर्यादा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गंगा सफाई अभियान के दौरान मेला अधिकारी सोनिका के जूते पहनकर गंगा में उतरने का वीडियो सामने आने के बाद संत समाज में नाराजगी की बात सामने आई है। वरिष्ठ संत स्वामी आनंद स्वरूप ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मेला अधिकारी को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।

स्वामी आनंद स्वरूप ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को सीधे संबोधित किया। उन्होंने सवाल उठाया कि मां गंगा की स्वच्छता के नाम पर किए जा रहे अभियानों में क्या उनकी धार्मिक गरिमा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का ध्यान रखना जरूरी नहीं है?

स्वामी आनंद स्वरूप ने अपनी फेसबुक पोस्ट में मेला अधिकारी सोनिका के आचरण पर सवाल उठाते हुए इसे मां गंगा का अपमान बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से अधिकारी को तत्काल हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध और तेज हो सकता है।
संत ने अखाड़ा परिषद की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि परिषद सक्रिय है तो उसे इस प्रकरण का संज्ञान लेकर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
सफाई अभियान बनाम धार्मिक मर्यादा, प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
दरअसल, कुंभ मेला 2027 को लेकर हरिद्वार में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो रही हैं। गंगा की स्वच्छता और घाटों की व्यवस्था भी इन तैयारियों का अहम हिस्सा है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाते समय प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानीय धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं के प्रति कितनी संवेदनशीलता बरतनी चाहिए?
गंगा करोड़ों लोगों के लिए केवल एक नदी नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा का केंद्र हैं। ऐसे में गंगा से जुड़े किसी भी प्रशासनिक अभियान में स्वच्छता के साथ धार्मिक मर्यादा का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।
अब प्रशासन के रुख पर टिकी निगाहें
कुंभ 2027 में देशभर से संत-महात्माओं, अखाड़ों, नागा संन्यासियों और करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आयोजन से पहले ही संत समाज और मेला प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर उठे सवाल चर्चा का विषय बन गए हैं।
फिलहाल इस मामले में मेला अधिकारी सोनिका और मेला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं और प्रशासन संत समाज की आपत्तियों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
कुंभ की तैयारियों के बीच उठा यह विवाद अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मां गंगा की धार्मिक गरिमा, प्रशासनिक संवेदनशीलता और संत समाज के सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल बन गया है।