हरिद्वार, 8 नवंबर 2026।
उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत से जुड़े मामले ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। जैऩी नाम की महिला की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब इस मामले में कांग्रेस की ओर से बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक बयान में कांग्रेस नेता ने जैऩी के पुराने आरोपों और कथित तौर पर बाद में जांच के दौरान उनके मुकरने का हवाला देते हुए बीजेपी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस नेता का दावा है कि इससे पहले भी जैऩी ने हरक सिंह रावत पर आरोप लगाए थे। उनके मुताबिक, उस समय जांच के बाद महिला ने अपने आरोपों से पीछे हटते हुए कहा था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। हालांकि, इन दावों और जांच के वास्तविक निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
बीजेपी पर लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप
बयान में कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस पुराने मामले को फिर से राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। वक्ता ने दावा किया कि जैऩी को बीजेपी की ओर से कथित तौर पर आर्थिक मदद दी गई है, ताकि हरक सिंह रावत की छवि खराब की जा सके और चुनाव से पहले कांग्रेस को घेरा जा सके।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होने लगा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावनाओं से बीजेपी के नेता घबराए हुए हैं और इसी वजह से इस तरह के मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
‘बोरिया-बिस्तर बांधने की तैयारी करें बीजेपी के नेता’
अपने बयान में कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब बीजेपी के नेताओं का बोरिया-बिस्तर बंधने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
उन्होंने बीजेपी नेताओं से कहा कि सत्ता से जाने की तैयारी करें और उत्तराखंड की जनता को शांति से रहने दें।
बेटियों की इज्जत को लेकर भी उठाया सवाल
बयान के अंतिम हिस्से में कांग्रेस नेता ने भावुक अंदाज में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई में महिलाओं और बेटियों की प्रतिष्ठा को निशाना बनाना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता इस पूरे प्रकरण के जरिए बेटियों की इज्जत उछाल रहे हैं।
हरक सिंह रावत ने भी आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
गौरतलब है कि हरक सिंह रावत ने जैऩी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस मामले में पहले सीबीआई जांच हो चुकी है और अदालत में भी प्रक्रिया पूरी हुई थी। उन्होंने बीजेपी पर अंकिता भंडारी प्रकरण से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को उठाने का आरोप लगाया है। Jagran +2
वहीं, जैऩी ने पुराने मामले की दोबारा सीबीआई जांच और डीएनए टेस्ट की मांग की है। उनकी शिकायत के बाद देहरादून पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी महिला क्षेत्राधिकारी को सौंपी है। Amar Ujala Hindi News Live +1
अब सबसे बड़ा सवाल
क्या 23 साल पुराने इस मामले की नए सिरे से जांच होगी? क्या जैऩी की मांग पर दोबारा डीएनए टेस्ट कराया जाएगा? और क्या इस पूरे प्रकरण के पीछे वास्तव में कोई राजनीतिक साजिश है या यह न्याय की लड़ाई है?
इन सभी सवालों का जवाब जांच और सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा।
MH7 News की विशेष टिप्पणी: इस पूरे मामले में महिला के आरोप, हरक सिंह रावत का पक्ष और राजनीतिक दलों के दावे अलग-अलग हैं। किसी भी आरोप को जांच और न्यायिक निष्कर्ष से पहले प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।