बहादराबाद, 27 सितंबर।
शांतरशाह क्षेत्र में 28 वर्षीय हैप्पी की गोली मारकर हत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में हरिद्वार पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश के दौरान नहर पटरी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसका दूसरा साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
14 सितंबर को गोली मारकर हुई थी हैप्पी की हत्या
पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर 2026 को पतंजलि रोड स्थित देव धर्म कांटा, शांतरशाह के पास हैप्पी उम्र करीब 28 वर्ष की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई कपिल निवासी शांतरशाह की तहरीर पर कोतवाली बहादराबाद में मुकदमा दर्ज किया गया।
हत्या के बाद मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया। बहादराबाद पुलिस के साथ सीआईयू हरिद्वार, सीआईयू रुड़की तथा अन्य थानों की टीमों को भी आरोपियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने में लगाया गया।

पुलिस को देखते ही फायरिंग कर भागे बाइक सवार
पुलिस का दावा है कि आरोपियों की तलाश और सुरागरसी के दौरान देर रात नहर पटरी स्थित तिरछा पुल के पास चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो आरोप है कि बाइक सवारों ने पुलिसकर्मियों पर तमंचे से सीधे फायर कर दिया और बाइक मोड़कर कलियर की ओर भागने लगे।
पुलिस टीम ने उनका पीछा किया। इसी बीच दोनों ने बाइक को ग्राम दौलतपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर मोड़ दिया और आगे जाकर मोटरसाइकिल सड़क पर छोड़ दी। इसके बाद झाड़ियों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर कथित तौर पर दोबारा फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे, जबकि एक गोली सरकारी वाहन की ड्राइवर साइड की खिड़की के नीचे जा लगी।
आत्मसमर्पण की चेतावनी के बाद भी फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
पुलिस टीम ने झाड़ियों की घेराबंदी कर बदमाशों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। पुलिस का कहना है कि इसके बावजूद रुक-रुककर फायरिंग होती रही। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की।
कुछ समय बाद झाड़ियों की ओर से फायरिंग बंद हो गई और एक व्यक्ति ने आत्मसमर्पण करने की आवाज लगाई। पुलिस टीम ने सावधानी से सर्च ऑपरेशन चलाया तो नदी की तरफ जाने वाली ढलान पर एक युवक घायल अवस्था में मिला। उसके बाएं पैर की पिंडली से खून बह रहा था।
पूछताछ में उसने अपना नाम मुदस्सिर पुत्र जमशेद, निवासी ग्राम दतौली रांगण, थाना कोतवाली देहात, जिला सहारनपुर, उम्र करीब 20 वर्ष बताया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए मेला अस्पताल हरिद्वार भेज दिया। वहीं उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया।
पुरानी मुखबिरी के शक से शुरू हुई थी रंजिश—पुलिस
हत्याकांड के पीछे की वजह को लेकर पुलिस ने पुरानी रंजिश का दावा किया है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 में इस्तकार उर्फ इस्तयाक के खिलाफ सहारनपुर के थाना जनकपुरी में एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस का कहना है कि इस्तकार को शक था कि उसकी गिरफ्तारी में हैप्पी ने मुखबिरी की थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच रंजिश चली आ रही थी।
पुलिस का यह भी दावा है कि जेल से बाहर आने के बाद इस्तकार कथित तौर पर स्मैक के कारोबार में लिप्त हो गया और हैप्पी उसे पुलिस से पकड़वाने की धमकी देता था। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच विवाद बढ़ता चला गया और इस्तकार पहले कलियर तथा बाद में सहारनपुर चला गया, लेकिन चोरी-छिपे शांतरशाह आता रहता था।
पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया है कि इसी विवाद और कथित पैसों की मांग से परेशान होकर इस्तकार ने अपने साथियों के साथ मिलकर हैप्पी की हत्या की योजना तैयार की।
दो दिन पहले की रेकी, फिर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने वारदात को अचानक अंजाम नहीं दिया, बल्कि पहले पूरी योजना तैयार की थी। जांच में सामने आया है कि कथित रूप से 12 सितंबर को घटनास्थल की रेकी की गई और 14 सितंबर को हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अब पुलिस इस मामले में फरार आरोपी की तलाश के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश और वारदात में और कौन-कौन शामिल था।
तमंचा, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मौके से 315 बोर का एक तमंचा, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया।
अस्पताल पहुंचे एसएसपी, पुलिस टीम को इनाम
मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर अस्पताल पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम तथा घायल आरोपी की स्थिति की जानकारी ली।
हत्याकांड के खुलासे और कार्रवाई में शामिल टीम को प्रोत्साहित करते हुए एसएसपी हरिद्वार की ओर से 2,500 रुपये तथा पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र की ओर से 5,000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
बहादराबाद पुलिस, सीआईयू हरिद्वार, सीआईयू रुड़की और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम इस कार्रवाई में शामिल रही। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी।