रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिला था मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक, पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाकर मध्य प्रदेश स्थित परिजनों तक पहुंचाया
लक्सर,30 अगस्त ।
रेलवे स्टेशन लक्सर पर गश्त के दौरान मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं परेशान अवस्था में मिले एक युवक को जीआरपी लक्सर पुलिस ने तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसके परिजनों से मिलवा दिया। पुलिस के इस प्रयास से करीब दस दिनों से लापता युवक सकुशल अपने परिवार तक पहुंच सका।
जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को जीआरपी लक्सर पुलिस टीम रेलवे स्टेशन पर चेकिंग एवं गश्त कर रही थी। इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर 03/04 पर पुलिस को एक युवक संदिग्ध एवं परेशान अवस्था में अकेला मिला। युवक की स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की और उसे जीआरपी थाना लक्सर लाया गया।
थाने में पुलिसकर्मियों ने युवक के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे भोजन कराया और बेहद सहज एवं सहानुभूतिपूर्ण तरीके से बातचीत शुरू की। पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम अरविन्द जाटव पुत्र नाथूराम जाटव, निवासी जनपद शिवपुरी, मध्य प्रदेश बताया।
युवक द्वारा बताए गए पते के आधार पर जीआरपी पुलिस टीम ने उसकी पहचान और परिजनों की तलाश शुरू की। पुलिस द्वारा इंटरनेट के माध्यम से संबंधित क्षेत्र की जानकारी जुटाई गई तथा संबंधित थाना पुलिस और ग्राम प्रधान से संपर्क साधा गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवक की पहचान एवं उसके परिवार तक पहुंचने के लिए प्रयास किए गए।
काफी प्रयासों के बाद पुलिस टीम युवक के परिजनों से संपर्क स्थापित करने में सफल रही। परिजनों को जीआरपी थाना लक्सर बुलाया गया, जहां आवश्यक पूछताछ, पहचान एवं दस्तावेजों के आधार पर तस्दीक की गई। पूरी जांच और सत्यापन के बाद युवक अरविन्द जाटव को उसके जीजा राहुल पुत्र बल्ली राम, निवासी ग्राम रोनिजा, थाना करैरा, जनपद शिवपुरी, मध्य प्रदेश के सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि अरविन्द 19 अगस्त 2026 से लापता था और परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। लंबे समय से लापता युवक के सकुशल मिलने की सूचना से परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
अरविन्द को सकुशल अपने बीच पाकर परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने जीआरपी लक्सर पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस के इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
पुलिस की संवेदनशीलता बनी परिवार के लिए उम्मीद
यह पूरा मामला केवल पुलिस की तत्परता ही नहीं, बल्कि उसके मानवीय दृष्टिकोण की भी मिसाल है। यदि पुलिस टीम युवक को केवल लावारिस मानकर आगे बढ़ जाती, तो उसके परिवार तक पहुंचना और भी मुश्किल हो सकता था। लेकिन पुलिसकर्मियों ने युवक की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पहले उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की और फिर उसकी पहचान एवं परिवार की तलाश में लगातार प्रयास किए।
जीआरपी लक्सर पुलिस की इस पहल ने एक बिछड़े परिवार को उसका अपना सदस्य वापस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय सोच की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।