हरिद्वार, 27 अगस्त 2026।
बैरागी कैंप क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर PWD के अधिकारी एवं कर्मचारियों का धरना गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कार्यवाही के दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना गंभीर चिंता का विषय है। यदि सरकारी ड्यूटी निभा रहे कर्मचारियों को ही सुरक्षा नहीं मिलेगी तो भविष्य में अतिक्रमण और अन्य सार्वजनिक कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कर्मचारियों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
धरने में इंजीनियर प्रवेश कुमार, गणेश जोशी, राजेंद्र कुमार, अजीत कलरा, मनमोहन सिंह, अरविंद जोशी, जयेंद्र तथा दिग्विजय सहित अन्य इंजीनियर मौजूद रहे।
इसके अलावा कर्मचारी गण में प्रदीप किशोर, के.एन. जोशी, सनी कुमार, शांति रघुवाण, श्रीमती बबीता, श्री नवीन आर्य, श्री श्रवण कुमार, कमलेश मिश्रा, विनय कुमार, महेश वर्मा, अनु, सौरभ सैनी, मुकेश थपलियाल, मैनपाल सिंह, संगीता, रणजीत सिंह, श्रीमती सरोज, श्रीमती पूनम सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी धरने में शामिल हुए।
सुरक्षा को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
धरना दे रहे कर्मचारियों ने कहा कि अतिक्रमण हटाने जैसे संवेदनशील अभियानों में विभागीय कर्मचारियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध होता है तो प्रशासन और पुलिस स्तर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि सरकारी कर्मचारी बिना भय के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
कार्रवाई में देरी से बढ़ सकता है आक्रोश
लगातार तीसरे दिन धरना जारी रहने से यह मामला अब प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ भविष्य में सरकारी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्रवाई में देरी होने पर विभागीय स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है।
फिलहाल PWD कर्मचारियों के धरने से साफ है कि वे इस मामले को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।